जमुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की जीत पर पूरा भरोसा जताया और लोगों को आगाह किया कि अगर वे 11 नवंबर को होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में कमल (भाजपा का प्रतीक चिन्ह) या तीर (जदयू का प्रतीक चिन्ह) से भटक गए, तो राज्य में एक बार फिर जंगल राज की वापसी हो जाएगी।
जमुई में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि जिले की चारों विधानसभा सीटें एनडीए के खाते में जानी चाहिए। उन्होंने बिहार में एनडीए सरकार की पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नक्सल मुक्त भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जो जमुई कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र था, आज वहाँ शांतिपूर्ण मतदान संभव हो पाया है।
अमित शाह ने कहा, “इस नक्सली इलाके में कभी लगभग 150 नक्सलियों ने धनबाद-पटना एक्सप्रेस का अपहरण कर लिया था, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। पूरा इलाका नक्सलियों के कब्जे में था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से यह क्षेत्र अब नक्सल मुक्त हो चुका है। पहले लोग दोपहर 3 बजे तक ही मतदान कर पाते थे, लेकिन अब शाम 5 बजे तक वोटिंग हो रही है।”
लालू प्रसाद यादव पर तीखा हमला बोलते हुए शाह ने कहा, “अगर महागठबंधन की सरकार बनी तो वे एक नया ‘अपहरण विभाग’ खोलेंगे। जबकि हम बिहार को बाढ़ मुक्त बनाने के लिए नया विभाग बनाएंगे। अगर लालू के बेटे जीते, तो वे अपहरण के लिए विभाग खोलेंगे।”
शाह ने आगे कहा कि बीते दस वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार में सड़कें, पुल, इथेनॉल संयंत्र और चीनी मिलें बनवाकर मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार किया है। आने वाले पाँच सालों में बिहार को पूरी तरह विकसित राज्य बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम बिहार में फिर से जंगल राज नहीं आने देंगे।”
पहले चरण के चुनाव की चर्चा करते हुए शाह ने कहा कि 6 नवंबर को हुए मतदान में लालू-राहुल गठबंधन — यानी राजद और कांग्रेस — का पूरी तरह सफाया हो गया है। उन्होंने कहा, “पहला चरण खत्म हो चुका है, लालू-राहुल की पार्टी का सफाया हो गया है। जमुई को भी वही करना चाहिए — यहाँ की चारों सीटें एनडीए के खाते में जानी चाहिए।”

