‘मेक इन इंडिया’ के मोर्चे पर अच्छी खबर

नई दिल्ली। देश में ही बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कुल मूल्य का आंकड़ा उनके आयात पर होने वाले खर्च से आगे निकल गया है. 2016-17 में भारत में 49.5 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाए गए जो उनके आयात पर खर्च होने वाले 43 अरब डॉलर से ज्यादा है. ऐसा पहली बार हुआ है. इसकी बड़ी वजह केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मेक इन इंडिया’ को माना जा रहा है. उत्पादन में हुई इस वृद्धि से भारत सरकार को भी विदेशी मुद्रा बचाने के मोर्चे पर राहत मिली है. कच्चे तेल के बाद इलेक्ट्रॉनिक सामान के आयात पर ही देश को सबसे ज्यादा रकम चुकानी पड़ती है.
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए सरकार ने कंपनियों को कई वित्तीय प्रोत्साहन दिए हैं. साथ ही उसने मोबाइल फोन, माइक्रोवेव अवन, एलईडी लाइट और सेट-टॉप बॉक्स जैसे कई उत्पादों पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी भी की. जानकारों के मुताबिक इन कदमों का फायदा होता दिख रहा है. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में वृद्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देते हुए कहा कि इस रफ्तार को बरकरार रखा जााएगा. उनके मुताबिक घरेलू जरूरतों को पूरा करने के बाद अब लक्ष्य इनके निर्यात का होगा. 2015-16 में देश में 37.4 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उत्पादन हुआ था. तब 41 अरब डॉलर इनके आयात पर खर्च हुए थे. 2014-15 में यह आंकड़ा 30 और 37.5 अरब डॉलर था.

 

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