पंजाब के मान या अपमान ?

कमलेश भारतीय

चंडीगढ़। मुझको यारो माफ करना
मैं शराबी नहीं ,, ,,
कभी यह गाना हिट हुआ था और आज हिट हो रहा है पंजाब के कलाकार मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पार्टी आप की ओर से यह कहा जाना कि भगवंत मान के बारे में विपक्ष बेसिर पैर की अफवाहें उड़ाता है । वे नशे में नहीं थे । जबकि विपक्ष का कहना है कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भगवंत मान जर्मनी यात्रा के दौरान बुरी तरह नशे में धुत्त थे और उन्हें इसी हालत मे विमान से उतार दिया गया । पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शिरोमणि अकाली दल के सर्वेसर्वा सुखबीर सिह बादल ने इसे पंजाबियों का अपमान करार दिया है । इसी प्रकार प्रतिपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी कहा कि ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि मान खड़े होने लायक भी नही थे और उनकी पत्नी और सुरक्षाकर्मियों ने सहारा दिया । बाजवा ने कहा कि मान को जिस हालत में जर्मनी में विमान से उतारा गया , उसे देखते हुए उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए ।
इन रिपोर्ट्स को देखते हुए समझ नहीं आता कि भगवंत मान पंजाब के लिए मान सम्मान हैं या अपमान हैं ?हालांकि 22सितम्बर को विधानसभा में विश्वासमत लेने के लिए सत्र बुला रखा है । यह विश्वासमत आसानी से मिल भी जायेगा लेकिन जो विश्वास इस समाचार के आने से खोया है , वह कैसे जीतोगे?
वैसे तो लोकसभा चुनाव के दिनों में भी एक जनसभा के दौरान मान के बारे में ऐसी ही खबरें आई थीं और यह चर्चा सदा रहती है कि मान नशे में रहते हैं । अब यह पता नहीं कि सत्ता के नशे में रहते हैं या शराब के नशे में !
जहां तक पंजाब के मान सम्मान या अपमान की बात है तो जिस तरह से भगवंत मान के उच्चाधिकारियों को दिल्ली बुला कर आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुरू के दिनों में ब्रीफ किया था , वह भी बहुत चर्चा का विषय रहा था कि ऐसा क्यों? क्या भगवंत मान डम्मी मुख्यमंत्री हैं जो केजरीवाल अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं ? अभी तो भगवंत मान को बहुत ही सोच विचार कर कदम उठाने की जरूरत है । पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है । यह याद रखने की जरूरी है । पहले सिद्धू मूसेवाला कांड और अब चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कांड मुख्यमंत्री के लिए चुनौतियों से कम नहीं । इसीलिए तो चंडीगढ़ की सासंद किरण खेर को यह सफाई देनी पड़ी कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी पंजाब के मोहाली में है न कि चंडीगढ़ में और इसका चंडीगढ़ से कोई लेना देना नहीं । यानी इसका लेना देना भगवंत मान से है , मुझसे नहीं । और आपके बारे में ऐसी अफवाहें ? कैसे चलेगा ? वैसे तो विमानों में ऐसी अशोभनीय घटनाओं के साथ पहले भी राजनेताओं के नाम जुड़ते रहे हैं और राजनीतिक करियर भी दांव पर लगते रहे हैं । हरियाणा के लोग इससे अच्छी तरह परिचित हैं । पर ऐसे उच्च पदों पर विराजमान होकर विमान में तो अच्छी इमेज दिखानी चाहिए कि नहीं ? पैग तो ठीक है लेकिन टांगें या जुबान तो काबू में रहनी चाहिएं। प्रसिद्ध लेखक निर्मल वर्मा ने एक कहानी में लिखा था कि आदमी इतनी पिये कि जमीन से डेढ़ इंच ऊपर ही पैर उठें । न इससे कम और न ज्यादा । अब इससे ज्यादा पांव उठेंगे तो आपको भुगतना पड़ेगा!
क्या यह शोभा देता है कि विमान से ही उतर दिया जाये ? क्या यह शोभा देता है कि आपकी जगह कोई दूसरा आपके राज्य के अधिकारियों को निर्देश दे ? तो आप क्या सचमुच डम्मी सीएम हो ? मान साहब ! यह कोई काॅमेडी सीरियल नहीं , पंजाब जैसे बड़े राज्य के मान सम्मान की बात है । आप थोड़ा संभल जाइए ,,,

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