सम्राट चौधरी बने बिहार के नए मुख्यमंत्री, पहली बार BJP के हाथ में सत्ता की कमान

पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। सम्राट चौधरी ने राज्य के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। इसके साथ ही विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। इस बदलाव के साथ राज्य में करीब दो दशकों से चले आ रहे नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले शासन का औपचारिक अंत हो गया है।

भव्य समारोह में हुआ शपथग्रहण
राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सम्राट चौधरी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

पहली बार BJP का मुख्यमंत्री
बिहार के इतिहास में यह पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता मुख्यमंत्री बना है। इससे पहले NDA सरकार में मुख्यमंत्री पद जनता दल यूनाइटेड के पास ही रहा था।

नीतीश कुमार का इस्तीफा
इस राजनीतिक बदलाव से पहले नीतीश कुमार ने अपनी कैबिनेट भंग कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। अब वे राज्यसभा सदस्य के रूप में सक्रिय रहेंगे।

सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर
सम्राट चौधरी 2017 में भाजपा में शामिल हुए थे और पिछली सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे। उनके पास गृह मंत्रालय जैसा महत्वपूर्ण विभाग था, जिससे प्रशासनिक स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

सामाजिक समीकरण में भी अहम बदलाव
सम्राट चौधरी प्रभावशाली कोइरी (कुशवाहा) समुदाय से आते हैं और इस समुदाय से मुख्यमंत्री बनने वाले दूसरे नेता हैं। इससे पहले सतीश प्रसाद सिंह 1968 में अल्पकाल के लिए मुख्यमंत्री बने थे।

ऐतिहासिक संदर्भ और तुलना
चौधरी अब कर्पूरी ठाकुर जैसे नेताओं की श्रेणी में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों पदों पर कार्य किया। हालांकि, जहां कर्पूरी ठाकुर को उपमुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री बनने में समय लगा था, वहीं सम्राट चौधरी का सत्ता तक पहुंचने का सफर अपेक्षाकृत तेज रहा।

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। अब सभी की निगाहें उनकी नीतियों और फैसलों पर टिकी हैं, जो राज्य के भविष्य की दिशा तय करेंगे।

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