दो दिवसीय राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन का आयोजन 25-26 नवम्बर को

नई दिल्ली। भारतीय भाषाओं के समुचित विकास हेतु एक द्विदिवसीय राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन का आयोजन 25 और 26 नवंबर, 2017 को नई दिल्ली में किया जा रहा है। इस आयोजन में गणमान्य विद्वतजन, शिक्षाविद्, संस्कृतज्ञ अपने-अपने व्याख्यान देंगे। भारतीय भाषा मंच लगातार भाषा के विकास हेतु कार्य कर रहा है। मंच का उद्देश्य देश में भाषाई भेदभाव एवं वैमनस्य को दूर कर भारतीय भाषाओं का सभी स्तरों पर संवर्द्धन करना है। यह मंच इसी उद्देश्य के साथ भारतीय भाषाओं के पुनरुत्थान हेतु निरंतर आगे बढ़ रहा है। भारतीय भाषा मंच के सह-संयोजक श्री ईश्वर दयाल कंसल ने कहा कि यह मंच अब तक देश के विभिन्न भागों में भारतीय भाषाओं के विविध पक्षों के संवर्धन हेतु जन जागरण एवं बौद्धिक विमर्श को आगे बढ़ाने की दृष्टि से संगोष्ठियां, कार्यशालाएं व सम्मेलन लगातार कर रहा है। इसी कड़ी में दो दिवसीय आयोजन छत्तरपुर मंदिर परिसर नई दिल्ली में किया जा रहा है, जिसमें देशभर के वक्ता भाग लेने आ रहे हैं। ईश्वर दयाल जी ने कहा कि इस खास आयोजन में भाषा का विकास कैसे हो, संस्कृत भाषा से संबंधित विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में मान्यता और पाठ्यक्रम आदि की समस्याओं के लिये अलग से एक संस्कृत बोर्ड का गठन कैसे हो, और इसको कैसे जन-जन की भाषा बनाया जाए; इस पर खास चर्चा होगी। इस सम्मलेन में विभिन्न शोध कार्यो पर चर्चा के साथ-साथ 51 प्रश्नों की एक शोध आधारित प्रश्नावली की प्रतिक्रियाओं का अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा का महत्व कभी भी कम नहीं रहा आज भी यह प्रासंगिक है। संस्कृत विश्व की संस्कृति और सभ्यता की भाषा है, जो भारत की सीमाओं के पार कभी दूर दूर तक फैली हुई थी। आज इसकी महत्ता को समझने की जरूरत है। इसी उद्देश्य को लेकर यह आयोजन किया जा रहा है। भारतीय भाषा मंच भाषा के विकास को लेकर लगातार कार्यशाला आयोजित करती रहती है। यह आयोजन भी इसी उद्देश्य का एक विस्तार है।

 

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