30 मिनट में तीन आईपीएस अधिकारियों के तबादले का आदेश वापस

रांची : झारखंड पुलिस में तबादले का ये कैसा खेल है? एकमुश्त अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया गया और महज 30 मिनट के भीतर ट्रांसफर लिस्ट में शामिल 3 लोगों का तबादला रद्द कर दिया गया. इसकी वजह भी नहीं बतायी गयी. अधिकारी फोन नहीं उठा रहे और विभाग की फजीहत हो रही है. दरअसल, नौ फरवरी, 2018 को सीआइडी के एसपी वाइएस रमेश का तबादला गढ़वा एसपी के रूप में किया गया. गढ़वा एसपी मो अर्शी को रमेश की जगह सीआइडी का एसपी बनाया गया. इसकी अधिसूचना गृह विभाग ने जारी कर दी. फिर आधे घंटे बाद ही दोनों अफसरों के तबादले की अधिसूचना रद्द करते हुए गृह विभाग ने नयी अधिसूचना जारी कर दी. ऐसा क्याें हुआ, इस मामले में गृह विभाग ने चुप्पी साध ली है. मामले में गृह सचिव से भी बात करने की कोशिश की गयी, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया.बताया जाता है कि मो अर्शी पर बालू उठाव को लेकर गंभीर आरोप लगे थे. इसकी शिकायत ऊपर तक हुई थी. इसके बाद से ही कयास लगाये जा रहे थे कि अर्शी का तबादला होगा. ऐसा हुआ भी, लेकिन 30 मिनट के अंदर ही आदेश बदल गया. ज्ञात हो कि बोकारो के एसपी वाइएस रमेश को 27 नवंबर, 2017 को सीआइडी में भेजा गया था. दो महीने बाद ही उनका फिर से तबादला कर दिया गया.
एसीबी में एसपी सुदर्शन प्रसाद मंडल का तबादला पांच फरवरी को साहेबगंज एसपी के रूप में किया गया. श्री मंडल ने भी साहेबगंज जाने की तैयारी पूरी कर ली थी. लेकिन दो तीनों के अंदर यानी आठ फरवरी को सरकार ने ये फैसला भी रद्द कर दिया. आइपीएस अफसरों का तबादला विशेष परिस्थिति को छोड़ कर दो साल से पहले नहीं किया जाना है. लेकिन झारखंड में जिस ढंग से तबादला हो रहा है वह सवाल खड़े करता है. आइजी टी कंदासामी का तबादला तीन माह में ही कर 15 दिसंबर को होमगार्ड आइजी बना दिया गया था. वे वहां की कार्य प्रणाली से पूरी तरह वाकिफ होते इससे पहले ही उनका तबादला फिर से पांच फरवरी को झारखंड पुलिस अकादमी हजारीबाग के निदेशक के पद पर कर दिया गया. इसी तरह लातेहार एसपी धनंजय कुमार सिंह को 17 नवंबर को साहेबगंज का एसपी बनाया गया. उन्हें भी पांच फरवरी को चलता करते हुए झारखंड पुलिस अकादमी का वरीय उपनिदेशक बनाया गया. ए विजयालक्ष्मी को 27 नवंबर को देवघर से तबादला कर एसीबी का एसपी बनाया गया था. अब फिर से उन्हें रामगढ़ का पुलिस कप्तान बनाया गया है.

 

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