ऊना। उत्तराखंड सरकार ने ऊना (हिमाचल प्रदेश) के प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं दानवीर श्री महेन्द्र शर्मा को “श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति” का सदस्य नामित किया है। यह समिति चारधाम (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) तथा राज्य के 45 अन्य पौराणिक धार्मिक स्थलों के प्रबंधन की सर्वोच्च संस्था है। राज्य सचिव शैलेश बगौली द्वारा जारी अधिसूचना के तहत गठित इस 10-सदस्यीय समिति की अध्यक्षता राज्यमंत्री श्री हेमंत त्रिवेदी करेंगे। इसमें श्री महेन्द्र शर्मा हिमाचल से एकमात्र सदस्य हैं, जबकि अन्य सभी सदस्य उत्तराखंड से हैं। श्री शर्मा ने बताया कि मंदिर समिति हर वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के ठहरने, दर्शन और सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करती है। इस वर्ष अब तक 16 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा कर चुके हैं, जिनमें अकेले केदारनाथ में 6.5 लाख लोगों ने दर्शन किए।
समिति संस्कृत के प्रचार के लिए सात संस्कृत विद्यालय तथा एक आयुर्वेदिक फार्मेसी भी संचालित करती है। इसके साथ ही, 45 अधीनस्थ मंदिरों और 20 धर्मशालाओं का रखरखाव भी समिति के अंतर्गत आता है।उत्तराखंड सरकार अब शीतकालीन चारधाम यात्रा को भी बढ़ावा दे रही है, जिससे तीर्थाटन को सालभर संचालित किया जा सके और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिले। सरकार द्वारा पर्यटन सीजन में किराए में छूट भी दी जा रही है। श्री महेन्द्र शर्मा की इस नियुक्ति को हिमाचल प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण माना जा रहा है। उनका धार्मिक और सामाजिक कार्यों में योगदान हमेशा उल्लेखनीय रहा है।
श्री महेन्द्र शर्मा को “श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति” का सदस्य नामित
बद्रीनाथ, भगवान विष्णु का प्रमुख धाम, और केदारनाथ, भगवान शिव का प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग, दोनों ही स्थल सनातन आस्था का केंद्र हैं। साथ ही गंगोत्री और यमुनोत्री नदियों के उद्गम स्थल हैं, जो भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का प्रतीक हैं। यह नियुक्ति उत्तराखंड की धार्मिक धरोहर के संरक्षण और संचालन में श्री महेन्द्र शर्मा की अहम भूमिका को चिन्हित करती है।

