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बंगाल को बांग्लादेश बनाने से बाज आएं ममता बनर्जी : डा. सुरेन्द्र जैन

नई दिल्ली।  विश्व हिन्दू परिषद् बंगाल के हिंदू समाज का हार्दिक अभिनंदन करती है जिसने रामनवमी के पावन पर्व पर 700 से अधिक शोभायात्राओं में 30 लाख से अधिक की संख्या में भाग लिया है. विहिप के अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने आज यहाँ कहा कि बंगाल के हिंदू समाज ने यह सिद्ध कर दिया है कि अब वह सैकुलरिज्म के नाम पर हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी राजनीति को बर्दास्त नहीं करेगा. हिंदू समाज को विभाजित करने या आतंकित करने के हर षड्यंत्र का वह मुंह तोड़ जवाब देगा.
विहिप ममता बनर्जी को चेतावनी देती है कि वे मुस्लिम वोटों के लालच में हिंदुओं का दमन चक्र बंद करें. अन्यथा, उनकी ऐसी हर कोशिश का बंगाल का हिंदू मुंह तोड़ जवाब देगा. ममता जी ने पिछले साल कहा था कि बंगाल में राम का क्या काम है. लाखों की संख्या में भाग लेकर हिंदू समाज ने सिद्ध कर दिया कि उसे अब बांटा नहीं जा सकता. इस वर्ष उन्होंने स्वयं रामोत्सव मनाने की घोषणा कर भ्रम फैलाने का प्रयास किया. इस घोषणा से यह सिद्ध हो गया कि अब बंगाल में भी केवल हिंदू राजनीति ही चलेगी. परन्तु ममता की राम भक्ति के इस मायावी रूप को जनता ने ठुकरा दिया और नीला झंडा फेंक कर भगवा ही स्वीकार किया.
डा जैन ने कहा कि अपने षड़यंत्र की विफलता से ममता बौखला गयी हैं. उन्होंने हिंदुओं का दमन प्रारंभ कर दिया है. पहले उनके गुंडों ने वर्धमान में राम का मंच तुड़वाया और रामभक्तों पर हमला करवाया. एक रामभक्त की हत्या भी करवायी गयी. उनकी इन हिंदू विरोधी चालों से जेहादियों की हिम्मत बढ़ गई और हर बार की तरह इस बार भी रामनवमी यात्राओं पर हमले किये गये. पूरलिया व रानीगंज समेत दसियों जगहों पर हिंदू समाज पर हिंसक हमले किए गए. उनकी दुकानों और घरों को तोड़ा गया, उन पर गोलियां चलाई गई, बम फेंके गए, मंदिरों पर हमले किए गए. एक पुलिस अधिकारी का तो एक हाथ ही खत्म हो गया. जेहादियों की यह हिम्मत ममता की हिंदू विरोधी राजनीति के कारण ही होती है. विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल द्वारा जारी बयान में परिषद के संयुक्त महा सचिव ने यह भी कहा कि हिंसा के इस नंगे नाच के बावजूद ममता हिंदू समाज को ही प्रताड़ित कर रही है. वे पूछ रही हैं कि क्या राम बंदूक और तलवार लेकर चलते थे. उन्होंने पूछा कि क्या वे यह सवाल मोहर्रम पर पैगम्बर साहब के बारे में पूछने की हिम्मत करेगी? अब यह नहीं चलेगा कि पिटे भी हिन्दू और दमन भी उसी का हो. क्या हिंदू बंगाल में दूसरे दर्जे का नागरिक है? क्या वे बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती है जहां वे अपने त्योहार खौफ के साये में मनाने के लिए मजबूर है?
विहिप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके सब प्रकार के दमन चक्र के बावजूद अब हिंदू दबेगा नहीं. यदि सरकार अत्याचारी जेहादियों के साथ ही खड़ी होगी तो हिन्दुओ को अपनी और अपने धर्म की रक्षा के लिए स्वयं खड़ा होना पड़ेगा. अब हिंदू अपने ही देश में पिटने के लिए तैयार नहीं है.

 

टीम डिजिटल

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