चिदंबरम एंड कंपनी की थी साजिश : कटियार

हैदराबाद : 2007 के मक्का मसजिद ब्लास्ट मामले में आज अदालत ने असीमानंद सहित सभी पांच आरोपियों को बरी कर दिया. कोर्ट ने पुख्ता सबूत नहीं होने के आधार पर सभी अारोपियों को आरोप मुक्त कर दिया. नामापल्ली स्थित एनआइए की विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि उनके खिलाफ केस नहीं बनता है. इस मामले में असीमानंद के अलावा, देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, राजेंद्र चौधरी, भारत मोहन लाल रतनेश्वर उर्फ भरत भाई आरोपी बनाये गये थे. अदालत ने एनआइए की दलील को आज मामले की सुनवाई करते हुए खारिज कर दिया. आरोपियों को आज पेशी के लिए कोर्ट लाया गया था. 18 मई 2007 में हैदराबाद के मक्का मसजिद में संगमरमर की बेंच के नीचे ब्लास्ट हुआ था, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गयी थी और कई घायल हुए थे. घटना के वक्ता पांच हजार के करीब लोग वहां मौजूद थे. असीमानंद व अन्य को मक्का मसजिद ब्लास्ट मामले में बरी किये जाने के बाद भाजपा नेता विनय कटियार ने कहा कि चिदंबरम एंड कंपनी ने इन्हें फंसाया था. उन्होंने कहा कि हिंदुओं को बदनाम करने के लिए ऐसा किया गया था. उन्होंने कहा कि दूध का दूध व पानी का पानी हो गया है.
आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा ने असीमानंद व अन्य को बरी किये जाने के बाद इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोर्ट ने आज दूध का दूध व पानी का पानी कर दिया है. उन्होंने कहा कि भगवा आतंकवाद के नाम पर इन्हें फंसाया गया था जो हिंदुत्व के लिए काम कर रहे थे. उन्होंने कहा कि भगवा टैरेरिज्म की अवधारणा को यूपीए के दो-दो गृह मंत्रियों ने स्थापित करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि बिना सोनिया गांधी व तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की इच्छा के ऐसा हो नहीं सकता है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अब इस मामले में क्या करना है यह सरकार देखेगी.

 

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