चीतों के लिए हिरणों का मरण क्यों ?

कमलेश भारतीय

देश में चीतों के संरक्षण के लिए विदेश से चीते मंगवाये गये और इनका भव्य स्वागत् किया गया -बाकायदा गले में हार डालकर ! अतिथि देवो भवः के देश में इतना आतिथ्य पाकर चीते धन्य धन्य हो गये । और सोशल मीडिया पर काॅर्टून आया कि कहीं हमारे पीछे ईडी और सीबीआई के बाद चीते तो नहीं छोड़ देंगे ? अब इनके भोजन की चिंता सताई वन विभाग वालों को तो इन मेहमानों को परोसने के लिए सुना है कि चार सौ हिरणों की व्यवस्था कर दी यानी चीतों का भोजन और हिरणों का मरण ! एक समान हो गया ! क्यों भाई ? ऐसा क्यों ? एक वन्य जीव को बचाने के लिए दूसरे की बलि क्यों चढ़ाई जा रही है ?

हमारे देश में एक ऐसा समाज है जो हिरण को बचाने आगे आया है और आता रहता है । यह समाज है बिश्नोई समाज । मूलतः यह राजस्थान से शुरू हुआ और हरियाणा में भी इसका काफी प्रभाव है । प्राणियों ही नहीं पेड़ों की रक्षा करना भी इनके धर्म का आधार है । इसी समाज के लोग पेडों की रक्षा के लिए पेड़ों से लिपट गये थे कि इनसे पहले हमें काटिए! ऐसा जुनून है पेड़ों की रक्षा करने का !

इसी प्रकार जुनून है काले हिरण की रक्षा का ! सबको अच्छी तरह याद है कि फिल्म ‘ हम सब साथ साथ हैं ‘ को शूटिंग राजस्थान में शेड्यूल की गयी थी और हीरो सलमान खान ने को-एक्टर्स के साथ काले हिरण का शिकार कर डाला था । इन को-एक्टर्स में सैफ अली खान और नीलम भी शामिल थीं । ऐसी जानकारी पाते ही बिश्नोई समाज ने इस मामले को उठाया और इन फिल्मी सेलिब्रिटीज के खिलाफ केस कर दिया । सलमान खान को इस केस में राजस्थान की जेलों में भी रहना पड़ा । बिश्नोई समाज ने किसी भी तरह समझौता करने से इन्कार कर दिया । यही क्यों हिरण के शिकार के चलते गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी जिसके चलते सलमान खान को मुम्बई ही छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है ! इसीलिए दक्षिण में ठिकाना बना रखा है ! यह है बिश्नोई समाज जो पशु पक्षियों और वन्य प्राणियों की रक्षा के लिये कटिबद्ध है और किसी भी हद तक इनकी रक्षा के लिए जा सकता है ।

हिसार की अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई महासभा ने चीतों के भोजन के लिए हिरणों को परोसने पर कड़ा एतराज जताते प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा है उपायुक्त के माध्यम से और कहा है कि चीतों को इस तरह हिरण परोसते रहोगे तो आने वाले दिनों में हिरण भी तो दुर्लभ प्रजाति नहीं हो जायेगी ? यह कैसा आदेश है कि एक को बचाने के लिए दूसरे की बलि दी जाये ? महासभा ने मांग की है कि इन हिरणों को फिर से खुले जंगलों में प्रकृति के बीच छोड़ दिया जाये । इस तरह निरीह हिरणों को भोजन के नाम पर मरवाना बिल्कुल गलत कदम है । महासभा ने यह चेतावनी भी दो है कि यदि ऐसा न किया गया तो महासभा की ओर से जीव प्रेमियों के साथ भिल कर बड़ा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी !

मंडी आदमपुर के उपचुनाव के सिर पर होने के चलते यह मामाला विपक्ष द्वारा तूल पकड़ सकता है और इस तरह संभावित बिश्नोई समाज से जुड़े प्रत्याशी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं ! विपक्ष इसे मुद्दा बना सकता है । मंडी आदमपुर में बिश्नोई समाज की नाराजगी कोई भी पार्टी बर्दाश्त नहीं कर सकती । इसलिए इस मुद्दे पर जल्द फैसला आना चाहिए और हिरणों की रक्षा की जानी चाहिए ! तभी तो हाथी मेरे साथी और तेरी मेहरबानियां और हम आपके हैं कौन जैसी फिल्मों की सफलता में वन्य प्राणियों की भी अहम् भूमिका रही है । इनकी रक्षा के लिए आगे आएं !

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