नई दिल्ली। लोग पुलिस पर लाख सवाल उठाएं, लेकिन समय-समय पर दिल्ली पुलिस ऐसा कारनामा कर जाती है, जिसको लेकर उसकी हर ओर तारीफ होती है। हाल ही में उत्तरी जिले के बुराड़ी थाना में जब 10 हथियारबंद बदमाशों को पुलिस ने दबोचा तो यही बात एक बार और सच साबित होती है। उत्तरी जिले के बुराड़ी इलाके में 32 बीघा जमीन के विवाद को सुलझाने पहुंचे 10 हथियारबंद दबंगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान मुख्य आरोपित प्रवीन कुमार सहित राहुल, नीरज, राजेश चैधरी, वैभव त्यागी, योगेश कुमार, रोहित हुड्डा, अक्षय, अर्जुन और राजेश के रूप में हुई है। सभी दिल्ली के अलग-अलग इलाके के रहने वाले हैं। उनके पास से चार पिस्टल, एक रिवाल्वर और 17 कारतूस सहित पांच महंगी कारें बरामद हुई हैं।
पांच आरोपितों पर विभिन्न थानों में पहले से मुकदमा दर्ज है। वहीं, आरोपित रोहित के पिता दिल्ली पुलिस में हवलदार हैं। पुलिस ने उनके पास से पुलिस पर हमला करने, दंगा फैलाने और खिलाफ सरकारी काम में बाधा इत्यादि डालने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।
उत्तरी जिला के पुलिस उपायुक्त अंटो अल्फोंस ने बताया कि शनिवार को बुराड़ी थाने के दो पुलिसकर्मी गश्त करते हुए बुराड़ी स्थित कारगिल कालोनी पहुंचे थे। बुराड़ी एसएचओ सुरेश कुमार की देखरेख में पुलिस टीम ने कारगिल कॉलोनी में पेट्रोलिंग कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने काफी संख्या में लोगों की भीड़ जुटी हुई देखी। इतनी भीड़ देखकर पेट्रोलिंग स्टाफ भी वहां पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि 10 लोग कुछ लोगों को सरेआम गालियां दे रहे हैं। पेट्रोलिंग स्टाफ ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो वह लोग उनसे भी उलझ गए और उनसे भी गाली गलौज करने लगे। इसी बीच पेट्रोलिंग स्टाफ ने कई लोगों के पास हथियार भी देखे। जिसके बाद उन्होंने तुरंत बुराड़ी थाने में इस बात की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मामला और संगीन देख बुराड़ी थाने के एसएचओ सुरेश कुमार ने टीम के साथ 10 लोगों को काबू किया।
वहीं, उनके पास से हथियार और कारें बरामद की गईं। छानबीन में पता चला कि बुराड़ी थाने के घोषित बदमाश धीरज त्यागी ने 32 बीघा विवादित जमीन को चार अलग-अलग लोगों को बेचा था। जमीन के विवाद को लेकर चारों में झगड़ा चल रहा था। जमीन का एक हिस्सा गिरफ्तार प्रवीन ने ले रखा था। उसने जमीन के अन्य मालिकों को धमकाने की नियत से हथियार के साथ अपने साथियों को लेकर मौके पर गया था। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्होंने ताजपुर गांव के जीतेंद्र नामक शख्स से अवैध हथियार खरीदे थे। पुलिस जीतेंद्र की गिरफ्तारी के प्रयास के साथ ही आरोपितों के अन्य अपराध में संलिप्तता का पता लगा रही है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि जिस प्रकार से पहले दिल्ली पुलिस के बीट अफसर ने अपने जान की बाजी लगाकर बदमाशों का धड़पकड़ किया है, वह काबिलेतारीफ है। उसके बाद बुराड़ी थाने से पूरी टीम आईं। हम सभी लोगों को पुलिस कर्मियों पर गर्व है।

