नई दिल्ली। आध्याश्री पब्लिकेशन्स द्वारा श्री अरविंदो सेंटर फॉर आर्ट्स एंड क्रिएटिविटी (SACAC), नई दिल्ली में आयोजित ‘बुक लॉन्च एवं ऑथर मीट’ का सफल आयोजन संपन्न हुआ। इस साहित्यिक समारोह में साहित्यकार, शिक्षाविद, लेखक, अभिनेताओं, मीडिया प्रतिनिधियों तथा साहित्य-प्रेमी विद्यार्थी पुस्तकों के बहाने एक सार्थक संवाद का हिस्सा बनें।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रथम पैनल चर्चा “Literature in the Digital Age: Opportunities, Challenges and the Future of Books” विषय पर हुआ। इस परिचर्चा में श्री संदीप कामरा (Vice President–Operations, Shri Educare Ltd.), श्री दीपक झा (DGM, Bada Business), श्री आशीष सेजवाल (Actor), श्री नलिन सवारा (CEO, Darksun Tech) तथा मीडिया पत्रकार सुश्री भावना त्रिपाठी ने AI, डिजिटल मीडिया, प्रकाशन उद्योग, बदलती पाठकीय संस्कृति तथा साहित्य के भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। परिचर्चा ने उपस्थित श्रोताओं को साहित्य के बदलते स्वरूप पर गंभीर चिंतन का अवसर प्रदान किया।
इसके उपरांत मुख्य अतिथि श्री संदीप कामरा के साथ श्री नागेन्द्र सिंह पालीवाल, श्री अमित सिंह, श्री शुभांजल, कांचन जी, तथा तीनों कवि-कवयित्रियों के पारिवारिक सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति में अध्याश्री पब्लिकेशन्स द्वारा प्रकाशित तीन नवीन काव्य-संग्रहों—‘मन के कई रंग’ (सर्वेश मिश्र), ‘स्त्री सत्येतर’ (राजदीपिका) तथा ‘ज़िंदगी आईने के उस पार’ (साईमा तबस्सुम) का लोकार्पण किया गया।
पुस्तक विमोचन के पश्चात तीनों रचनाकारों—सर्वेश मिश्र, राजदीपिका एवं साईमा तबस्सुम ने अपनी-अपनी पुस्तकों से चुनिंदा कविताओं का सस्वर पाठ कर उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों को दर्शकों ने अत्यंत सराहा।
इसके बाद आयोजित द्वितीय पैनल चर्चा “From Manuscript to Meaning: The Author’s Journey” विषय पर केंद्रित रही। इस सत्र में सर्वेश मिश्र, राजदीपिका, साईमा तबस्सुम तथा विशाल स्वरूप ठाकुर ने अपनी लेखन-यात्रा, प्रेरणास्रोत, सृजन-प्रक्रिया, प्रकाशन के अनुभवों एवं भविष्य की साहित्यिक योजनाओं पर खुलकर विचार साझा किए। इस संवाद का सफल संचालन युवा कवि, लेखक एवं मंच संचालक जुनैद क़ादरी ने किया।
कार्यक्रम का सांस्कृतिक आकर्षण सुप्रसिद्ध गायक रंजन झा की संगीतमय प्रस्तुति रही। उन्होंने बॉलीवुड के लोकप्रिय गीतों की मनमोहक प्रस्तुति देकर साहित्य और संगीत का सुंदर संगम प्रस्तुत किया, जिसका उपस्थित जनों ने भरपूर आनंद लिया।
कार्यक्रम के अंत में आध्याश्री पब्लिकेशन्स की ओर से सभी मुख्य अतिथियों, पैनलिस्टों, लेखकों एवं सहयोगियों को सम्मानस्वरूप उपहार एवं स्मृति-चिह्न भेंट किए गए। सामूहिक छायाचित्र एवं जलपान के साथ कार्यक्रम का समापन आत्मीय वातावरण में हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थित साहित्य-प्रेमियों ने आयोजन की विषय-वस्तु, सुव्यवस्थित संचालन, सार्थक चर्चाओं तथा लेखकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद के अवसर की भूरि-भूरि प्रशंसा की। अनेक प्रतिभागियों ने आध्याश्री पब्लिकेशन्स के माध्यम से भविष्य में अपनी पुस्तकें प्रकाशित कराने की इच्छा भी व्यक्त की तथा संस्था की कार्यशैली और लेखक-केंद्रित दृष्टिकोण की सराहना की।
इस अवसर पर आध्याश्री पब्लिकेशन्स के संस्थापक विशाल स्वरूप ठाकुर ने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल पुस्तकें प्रकाशित करना नहीं, बल्कि नए और स्थापित लेखकों को एक ऐसा साहित्यिक मंच प्रदान करना है, जहाँ उनकी रचनात्मकता को सम्मान, संवाद और पाठकों तक पहुँचने का सशक्त माध्यम प्राप्त हो। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी अतिथियों, लेखकों, सहयोगियों, साझेदार संस्थाओं एवं उपस्थित साहित्य प्रेमियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

