टेट्रा पैक ने भारत में प्रमाणित रीसायकल किए गए पॉलिमर से बना पैकेजिंग किया पेश

नई दिल्ली। टेट्रा पैक ने आज प्रमाणित पुनर्नवीनीकृत पॉलिमर से बने पैकेजिंग मटेरियल की पेशकश की घोषणा की, जिससे वह भारत में खाद्य और पेय पदार्थ पैकेजिंग उद्योग में ऐसा करने वाली पहली कंपनी बन गई है। कंपनी के कार्टन पैकेज, जिनमें पुनर्नवीनीकृत पॉलिमर का उपयोग किया गया है, आईएससीसी प्लस (इंटरनेशनल सस्टेनेबिलिटी एंड कार्बन सर्टिफिकेशन) द्वारा प्रमाणित हैं। यह एक वैश्विक स्तर पर मान्य स्थिरता प्रमाणन प्रणाली है। इस पैकेजिंग सामग्री में 5% प्रमाणित पुनर्नवीनीकृत पॉलिमर शामिल किए गए हैं, जो पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा प्लास्टिक कचरा प्रबंधन (संशोधन) नियम 2022 के तहत अनिवार्य किया गया है। यह नियम 1 अप्रैल 2025 से लागू होगा।
यह उपलब्धि टेट्रा पैक की स्थिरता (सर्कुलैरिटी) के प्रति प्रतिबद्धता में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो जीवाश्म-आधारित संसाधनों पर निर्भरता कम करने और सामग्री के पुन: उपयोग को बढ़ाने पर केंद्रित है।साथ ही, टेट्रा पाक कच्चे माल की जिम्मेदारीपूर्वक आपूर्ति, बेहतर पुनर्चक्रण और कचरा कम करने के लिए डिज़ाइन किए गए पैकेजिंग समाधान तथा वैश्विक स्तर पर प्रभावी संग्रह और पुनर्चक्रण अवसंरचना विकसित करने के लिए मजबूत साझेदारी करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कैसियो सिमोएस, प्रबंध निदेशक, टेट्रा पैक दक्षिण एशिया, ने कहा, “हम भारत में 5% प्रमाणित पुनर्नवीनीकृत पॉलिमर वाले पैकेजिंग मटेरियल को पेश करने वाले पहले कार्टन पैकेजिंग निर्माता होने पर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह पुनर्नवीनीकृत सामग्री भारत से ही प्राप्त की जा रही है, और इसका उत्पादन हमारे आईएससीसी प्लस -प्रमाणित चाकण, पुणे स्थित कारखाने में किया जा रहा है।हम पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की सर्कुलैरिटी को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं और इस नियम को 2025 तक लागू कर भारत को दुनिया के पहले कुछ देशों में शामिल करने के उनके प्रयास की प्रशंसा करते हैं।यह खाद्य एवं पेय उद्योग के सभी हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है कि हम मिलकर सहयोग करें और अधिक सर्कुलर (सतत) समाधान अपनाने की दिशा में आगे बढ़ें।”
आईएससीसीप्लस (इंटरनेशनल सस्टेनेबिलिटी एंड कार्बन सर्टिफिकेशन) द्वारा प्रमाणित पुनर्नवीनीकृत पॉलिमर को आईएससीसी मास बैलेंस एट्रीब्यूशन पद्धति के तहत हमारे समाधानों में शामिल किया जाता है। रासायनिक पुनर्चक्रण तकनीक (केमिकल रिसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी) के माध्यम से इन प्लास्टिक्स का उत्पादन पुनर्नवीनीकृत और गैर-पुनर्नवीनीकृत सामग्री के मिश्रण से किया जाता है, और पुनर्नवीनीकृत सामग्री के भार को पूरी टेट्रा पाक आपूर्ति श्रृंखला में ट्रैक किया जाता है।ये रासायनिक रूप से पुनर्चक्रित प्लास्टिक खाद्य संपर्क (फूड कॉन्टैक्ट) के लिए उन्हीं वैश्विक मानकों का पालन करते हैं, जो वर्जिन पॉलिमर (नए प्लास्टिक) पर लागू होते हैं। गुणवत्ता के लिहाज से, ये जीवाश्म-आधारित प्लास्टिक के बराबर ही हैं।
पुनर्नवीनीकृत सामग्री का उपयोग पुनर्चक्रण दर (रिसाइक्लिंग रेट) बढ़ाने में सहायक हो सकता है और इसे आर्थिक रूप से अधिक व्यवहार्य बना सकता है। भारत सहित दुनियाभर में पुनर्नवीनीकृत सामग्री की अनिवार्यता (रीसायकल्ड कंटेंट मैंडेट) एक नियामक बढ़ावा देती है, जिससे उत्पादकों को पुनर्नवीनीकृत सामग्री खरीदने के लिए प्रेरित किया जाता है। इससे मांग में वृद्धि होती है, जो पुनर्चक्रण उद्योग को विस्तार करने और अधिक समाधान उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित करती है।
कैसियो सिमोएस ने कहा, “प्लांट-आधारित और पुनर्नवीनीकृत पॉलिमर जैसी सामग्रियों का व्यापक उपयोग अभी भी प्रगति पर है। टेट्रा पैक में, हम अपने भागीदारों और ग्राहकों के साथ सहयोग करते हुए नवाचार (इनोवेशन) को आगे बढ़ाने और नए अवसर तलाशने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हमारी सभी पैकेजिंग नवीकरणीय (रिन्यूएबल) या पुनर्नवीनीकृत (रीसायकल्ड) पॉलिमर से बनी हो, ताकि जीवाश्म-आधारित संसाधनों (फॉसिल फीडस्टॉक) पर निर्भरता समाप्त हो। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए व्यवसायों और अन्य हितधारकों को मिलकर कार्य करना होगा ताकि हम कम-कार्बन और सर्कुलर अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ सकें।”

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