पटना (बिहार) । पटना एम्स में उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब विधायक चेतन आनंद और अस्पताल कर्मियों के बीच तीखी झड़प हो गई। यह घटना दो दिन पहले देर रात की बताई जा रही है जब विधायक अपने परिवार के साथ एक मरीज से मिलने अस्पताल पहुंचे थे।
विधायक चेतन आनंद ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें एक घंटे से अधिक समय तक अंदर बंधक बनाकर रखा। इस संबंध में उन्होंने फुलवारी शरीफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
दूसरी ओर, एम्स के सुरक्षाकर्मियों और जूनियर डॉक्टरों ने विधायक के आरोपों को नकारते हुए दावा किया है कि खुद विधायक और उनके समर्थकों ने अस्पताल कर्मियों—जिनमें गार्ड और ड्यूटी डॉक्टर दोनों शामिल थे—पर मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। उनके अनुसार, इस दौरान अपशब्द और हाथापाई की घटनाएं हुईं।
इस घटना के विरोध में पटना एम्स के सभी जूनियर डॉक्टर आज सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप हो चुकी हैं, और डॉक्टर अस्पताल परिसर में “वी वांट जस्टिस” जैसे नारे लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल केवल आपातकालीन सेवाएं चालू हैं, बाकी सभी विभागों में कामकाज रुका हुआ है।
हड़ताल का सीधा असर सैकड़ों मरीजों पर पड़ा है, जिनमें कई दूर-दराज से इलाज कराने आए हैं और अब इलाज के अभाव में भटकने को मजबूर हैं। मरीजों और उनके परिजनों के चेहरों पर गहरी चिंता और असमंजस स्पष्ट रूप से देखा गया।
वर्तमान में दोनों पक्षों ने फुलवारी शरीफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि इस संवेदनशील और बढ़ते विवाद में क्या कार्रवाई होती है और राज्य के प्रमुख अस्पतालों में से एक पटना एम्स में हालात कितनी जल्दी सामान्य हो पाते हैं।

