पत्रकारिता की आड़ में व्यवसाय या राजनीतिक प्रचार लोकतंत्र के लिए खतरा : अमिताभ अग्निहोत्री

 

इंदौर। स्टेट प्रेस क्लब, मध्य प्रदेश द्वारा आयोजित आत्मीय स्वागत समारोह एवं विशेष रात्रि भोज कार्यक्रम में एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रवाणी चैनल के प्रधान संपादक अमिताभ अग्निहोत्री ने पत्रकारिता की वर्तमान स्थिति, मीडिया की विश्वसनीयता और लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका पर बेबाक और गंभीर विचार रखे।
इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के वरिष्ठ पत्रकारों, संपादकों, मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
अपने प्रभावशाली संबोधन में अमिताभ अग्निहोत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति व्यवसाय करना चाहता है तो उसे सीधे व्यवसाय करना चाहिए और यदि किसी राजनीतिक दल का समर्थन करना चाहता है तो खुलकर उस दल से जुड़ना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “पत्रकारिता की आड़ में व्यवसाय या राजनीतिक प्रचार करना न केवल पत्रकारिता की गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि इससे ईमानदारी से काम कर रहे पत्रकारों की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है।”
उन्होंने वर्तमान समय में कुछ पत्रकारों और मीडिया संस्थानों द्वारा सत्ता केंद्रों के प्रति अत्यधिक झुकाव की प्रवृत्ति पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री को ‘साहब’ और मंत्री को ‘महाराज’ कहना पत्रकारों की भाषा नहीं हो सकती। पत्रकार का दायित्व सत्ता से सवाल पूछना है, उसके सामने नतमस्तक होना नहीं।”
अग्निहोत्री ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का प्रहरी है और इसकी आत्मा निष्पक्षता, निर्भीकता और जनसरोकारों में निहित है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पत्रकार को सच को सच और गलत को गलत कहने का साहस रखना चाहिए।
डिजिटल मीडिया की भूमिका पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसने पत्रकारिता को नए आयाम दिए हैं। आज स्वतंत्र पत्रकार बिना किसी दबाव के अपनी बात सीधे जनता तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार की लेखनी और उसके सवाल इतने प्रभावशाली होने चाहिए कि सत्ता केंद्रों को आत्ममंथन के लिए मजबूर कर दें।
उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकार की प्राथमिकता सदैव पीड़ित, शोषित और आम जनता की आवाज को मजबूती से उठाना होना चाहिए।
एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया की स्थापना के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि देश के अधिकांश बड़े मीडिया संगठन मुख्यतः बड़े और अंग्रेजी मीडिया संस्थानों तक सीमित हैं, जबकि छोटे समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म और स्वतंत्र पत्रकारों की समस्याओं को उठाने वाला कोई मजबूत मंच नहीं था।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए एडिटर्स क्लब ऑफ इंडिया का गठन किया गया, जो देशभर में पत्रकारों के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि संगठन शीघ्र ही देशभर में पत्रकार हितैषी कार्यक्रम आयोजित करेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ पत्रकार डॉ. प्रकाश हिंदुस्तानी, डॉ. सुभाष खंडेलवाल, अभिलाष शुक्ला और दीपक माहेश्वरी द्वारा अमिताभ अग्निहोत्री के स्वागत से हुई।
समाजसेविका डॉ. रजनी भंडारी ने उन्हें पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।
स्टेट प्रेस क्लब, मध्य प्रदेश के अध्यक्ष प्रवीण कुमार खारीवाल और मुख्य महासचिव नवनीत शुक्ला ने स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
शीतल राय और सोनाली यादव ने स्मारिका भेंट की, जबकि पंकज क्षीरसागर ने विशेष रूप से उपस्थित जयंत भिसे का स्वागत किया।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन आलोक वाजपेई ने किया, जबकि अंत में आभार प्रदर्शन प्रवीण खारीवाल ने व्यक्त किया।
यह आयोजन पत्रकारिता के मूल्यों, मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सामाजिक जिम्मेदारियों पर सार्थक संवाद का महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा।

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