नई दिल्ली। दुनिया की बदलती कूटनीतिक बिसात पर अब नजरें अमेरिका, चीन और रूस के रिश्तों पर टिकी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके शीर्ष सलाहकार इस साल अक्टूबर के अंत में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) के व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने दक्षिण कोरिया जाने की तैयारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान ट्रंप की मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हो सकती है। सीएनएन ने अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से बताया कि APEC सम्मेलन में द्विपक्षीय बैठक को लेकर गहन चर्चा हुई है, हालांकि अभी तक कोई ठोस योजना तय नहीं हुई है।
यह सम्मेलन ग्योंगजू शहर में अक्टूबर के अंत और नवंबर की शुरुआत में आयोजित होगा। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप और शी जिनपिंग की संभावित मुलाकात अमेरिका के लिए चीन–रूस की नजदीकी को तोड़ने की एक बड़ी कोशिश होगी। यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस और चीन एक-दूसरे के रणनीतिक साझेदार बनकर उभरे हैं, जिससे पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ी है।
अब सवाल यह है कि क्या अमेरिका अपनी इस कूटनीतिक चाल से चीन और रूस के बीच बढ़ती दोस्ती में दरार डाल पाएगा, या फिर बीजिंग और मॉस्को अपने साझा हितों को प्राथमिकता देते हुए वॉशिंगटन की रणनीति को नाकाम कर देंगे।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके शीर्ष सलाहकार एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) के व्यापार मंत्रियों की बैठक में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। यह शिखर सम्मेलन अक्टूबर के अंत और नवंबर की शुरुआत के बीच दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू शहर में आयोजित होगा। माना जा रहा है कि यह ट्रंप के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने का अहम मौका साबित हो सकता है।
अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि APEC के इतर ट्रंप और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक पर गंभीर चर्चा चल रही है, हालांकि अभी कोई ठोस योजना तय नहीं हुई है। रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि पिछले महीने हुई फोन कॉल में शी जिनपिंग ने ट्रंप और उनकी पत्नी को चीन आने का न्योता दिया था, जिस पर ट्रंप ने सहमति जताई थी, लेकिन अभी तारीख़ तय नहीं हुई है।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि ट्रंप की इस यात्रा का मुख्य फोकस आर्थिक सहयोग, व्यापार, रक्षा और असैन्य परमाणु सहयोग पर होगा। इसके अलावा, इस यात्रा को अमेरिका में अतिरिक्त आर्थिक निवेश आकर्षित करने का अवसर भी माना जा रहा है।
खास बात यह है कि ट्रंप की यह यात्रा उन्हें उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन से एक बार फिर मुलाकात की स्थिति में भी ला सकती है। हालांकि किम इसमें शामिल होंगे या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने हाल ही में ट्रंप को APEC शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया था और संकेत दिया था कि यह आयोजन अमेरिकी राष्ट्रपति को किम से मिलने का अवसर प्रदान कर सकता है।
पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने भी किम से मिलने की इच्छा जताते हुए कहा,
“मैं ऐसा करूँगा, और हम बातचीत करेंगे। वह मुझसे मिलना चाहेंगे। हम उनसे मिलने के लिए उत्सुक हैं और संबंधों को बेहतर बनाएंगे।”
विश्लेषकों का मानना है कि यह संभावित शिखर वार्ता ऐसे समय में हो सकती है जब अमेरिका, चीन और उत्तर कोरिया के बीच संबंध तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं।

