नेपाल में राजनीतिक भूचाल: पीएम केपी शर्मा ओली ने दिया इस्तीफा, बालेन शाह बने युवाओं की पहली पसंद

काठमांडू। नेपाल में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ काठमांडू समेत कई हिस्सों में भड़के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति भवन के एक सहयोगी ने इसकी पुष्टि की है।

ओली के इस्तीफे के बाद नेपाल की राजनीति में नया समीकरण बनता दिख रहा है। काठमांडू के मेयर बालेन्द्र शाह, जिन्हें आमतौर पर बालेन शाह कहा जाता है, अब प्रधानमंत्री पद के नए चेहरे के रूप में तेजी से उभर रहे हैं।

सिर्फ 33 वर्षीय बालेन शाह ने सोशल मीडिया पर युवाओं के आंदोलन को खुला समर्थन दिया। उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा—
“मैं पूरी तरह युवाओं के साथ खड़ा हूं और राजनीतिक दलों के नेताओं को चेतावनी देता हूं कि इस आंदोलन का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश न करें।”

उनकी यह स्पष्ट और निर्भीक बात युवाओं को खूब भा गई। अब कई युवा उन्हें पारंपरिक राजनीति से अलग एक नए विकल्प के रूप में देखने लगे हैं।

नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के अपने पद से इस्तीफा देने से कुछ मिनट पहले, जेनरेशन जेड के प्रदर्शनकारियों ने संसद में घुसकर परिसर की एक इमारत में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने भक्तपुर के बालकोट क्षेत्र में ओली के आवास और अन्य वरिष्ठ नेताओं के घरों में भी आग लगा दी। सोशल मीडिया पर प्रतिबंध हटा लिए जाने के बाद से यह विरोध प्रदर्शन जारी है। तस्वीरों में नजर आया कि जब इमारत में आग लगी हुई थी, तब भी हजारों प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए और झंडे लहराते हुए संसद की ओर मार्च करते रहे।

नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता के इस दौर में बालेन शाह की लोकप्रियता नई दिशा देती दिख रही है। उनके नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन यह देखना होगा कि क्या वे वास्तव में प्रधानमंत्री पद तक पहुँच पाते हैं या नहीं।

प्रदर्शनकारियों ने सिंह दरबार परिसर के पश्चिमी द्वार को तोड़कर उसमें भी प्रवेश किया। बताया जा रहा है कि उन्होंने द्वार को आग लगा दी और नेपाल के केंद्रीय प्रशासनिक परिसर में जबरन घुस गए। पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक के नाइकाप स्थित आवास को भी आग लगा दी गई थी, जिसके ठीक एक दिन पहले उन्होंने फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और यूट्यूब सहित 26 सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध के खिलाफ आंदोलन कर रहे युवा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था। विरोध प्रदर्शनों में अब तक 19 लोग मारे गए हैं और 300 से ज़्यादा घायल हुए हैं। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बढ़ते दबाव के बीच ओली ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया। उनका इस्तीफ़ा सैकड़ों प्रदर्शनकारियों द्वारा सरकार विरोधी नारे लगाते हुए उनके कार्यालय में घुसने के कुछ ही देर बाद आया।

 

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