पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चल रही लंबी खींचतान आखिरकार खत्म हो गई है। दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में सीटों के बंटवारे का अंतिम फार्मूला तय कर लिया गया। इस बैठक में भाजपा, जदयू, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हम पार्टी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के शीर्ष नेता मौजूद रहे।
बैठक के बाद बिहार भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि एनडीए में सीटों को लेकर सहमति बन चुकी है। तय फार्मूले के अनुसार —
➡ भाजपा 101 सीटों पर,
➡ जदयू 101 सीटों पर,
➡ लोजपा (रामविलास) 29 सीटों पर,
➡ हम पार्टी 6 सीटों पर,
➡ और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (उपेंद्र कुशवाहा) 6 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
विनोद तावड़े ने इस समझौते को एनडीए की एकजुटता और बिहार के विकास के लिए बने “मजबूत गठबंधन” का प्रतीक बताया। बैठक के बाद नेताओं ने कहा कि अब गठबंधन पूरी मजबूती के साथ चुनावी मैदान में उतरने को तैयार है। बिहार में एनडीए अब पूर्ण रूप से चुनावी मोड में आ चुका है।
दिल्ली बैठक के बाद एनडीए नेताओं ने पटना में शक्ति प्रदर्शन किया। सीट बंटवारे पर सहमति बनने के बाद भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम पार्टी और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख नेता पटना लौटे।
एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा, “एनडीए पूरी तरह एकजुट है। सीट बंटवारा हो चुका है और अब प्रत्याशियों के नाम की घोषणा देर शाम तक कर दी जाएगी।” मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कहा, “किसी को कोई नाराजगी नहीं है, सब एकजुट हैं और बिहार के विकास के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं।”
हालांकि, दिल्ली से लौटे जदयू नेता संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने मीडिया के सवालों से बचते हुए कोई टिप्पणी नहीं की। अब पूरे बिहार की निगाहें एनडीए की प्रत्याशी सूची पर टिकी हैं, जिससे राज्य की सियासत में नया चुनावी रंग भर गया है।

