“लाखों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है भाजपा सरकार; शिक्षा मंत्री एक सेकंड भी पद पर रहने के लायक नहीं”: डॉ. सुशील गुप्ता

 

नई दिल्ली/चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने देश में लगातार सामने आ रहे शिक्षा घोटालों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र की मोदी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी की तर्ज पर देश के लाखों छात्रों की आवाज उठाते हुए डॉ. सुशील गुप्ता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे और उन्हें पद से बर्खास्त करने की पुरजोर मांग की है।
डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि पहले नीट (NEET) परीक्षा में हुई देशव्यापी धांधली और पेपर लीक ने लाखों होनहार छात्रों के सपनों को तोड़ा, और अब सीबीएसई (CBSE) के मूल्यांकन प्रोसेस (Evaluation Process) में इतना बड़ा घोटाला सामने आया है जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
### *लाखों छात्र और उनके माता-पिता गहरे अवसाद में*
भाजपा सरकार की नाकामी को कोसते हुए डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा:
> “आज देश भर में 12वीं कक्षा के लाखों बच्चे और उनके अभिभावक भारी मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) से गुजर रहे हैं। एक अक्षम और निकम्मे शिक्षा मंत्री की वजह से हमारे देश के भविष्य को इस तरह के मानसिक आघात (Trauma) से नहीं गुजरने दिया जा सकता। धर्मेंद्र प्रधान जी एक दिन तो क्या, एक सेकंड के लिए भी देश के शिक्षा मंत्री पद पर बने रहने के लायक नहीं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उन्हें तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करना चाहिए।”
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सीबीएसई पोर्टल की नाकामी और तकनीकी गड़बड़ियों पर उठाए सवाल
डॉ. गुप्ता ने सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) प्रोसेस में चल रही भारी तकनीकी लापरवाही को उजागर करते हुए कहा कि पिछले 4-5 दिनों से सीबीएसई का पोर्टल पूरी तरह ठप पड़ा है। छात्र लॉग-इन तक नहीं कर पा रहे हैं। कई छात्रों का कहना है कि 40-40 बार कोशिश करने के बाद लोग इन हो रहा है। इसके बाद पेमेंट गेटवे काम नहीं कर रहा है और जो आंसर-शीट स्कैन करके अपलोड की गई हैं, वे इतनी धुंधली (Blurred) हैं कि उनमें कुछ दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या इसी तरह भाजपा देश को 21वीं सदी का भारत बनाएगी?

डॉ. सुशील गुप्ता ने छात्रों के हक में कीं 4 मुख्य मांगें:

आम आदमी पार्टी ने पीड़ित छात्रों और उनके परिवारों के समर्थन में केंद्र सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
1. मैनुअल पुनर्मूल्यांकन: जो भी छात्र पुनर्मूल्यांकन की मांग कर रहे हैं, उनका डिजिटल के बजाय पूरी तरह से मैनुअल री-इवैल्युएशन (Manual Revaluation) करवाया जाए।
2. फीस माफी: पुनर्मूल्यांकन के लिए छात्रों से ली जाने वाली भारी-भरकम फीस को तुरंत पूरी तरह से माफ किया जाए।
3. ओएसएम प्रणाली की खिन्नता: इस पूरी तरह से असफल हो चुकी ओएसएम (OSM) प्रक्रिया को तुरंत खारिज किया जाए।
4. त्वरित प्रक्रिया: पुनर्मूल्यांकन का काम युद्धस्तर पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि छात्रों के आगामी कॉलेज एडमिशन की प्रक्रिया प्रभावित न हो और उनका साल बर्बाद होने से बचे।
डॉ. सुशील गुप्ता ने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि भाजपा सरकार ने अपनी अकर्मण्यता को सुधारते हुए शिक्षा मंत्री को बर्खास्त नहीं किया और छात्रों की मांगें नहीं मानीं, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर देशव्यापी आंदोलन के लिए मजबूर होगी।

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