मोजतबा खामेनेई का दावा- ‘ट्रंप ने बेताबी में किए समझौते पर हस्ताक्षर’, अमेरिका ने हटाई ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी

तेहरान/वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में महीनों से जारी तनाव, सैन्य टकराव और युद्ध की आशंकाओं के बीच अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते ने नया राजनीतिक और कूटनीतिक विमर्श शुरू कर दिया है। समझौते पर हस्ताक्षर होने के एक दिन बाद ही ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि अमेरिकी प्रशासन इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बेहद उत्सुक था और ट्रंप ने इसे सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया।

इसी बीच, समझौते की शर्तों के तहत अमेरिका ने ईरान पर लागू अपनी सख्त नौसैनिक नाकेबंदी को औपचारिक रूप से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम को क्षेत्रीय तनाव कम करने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सामान्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

खामेनेई ने समझौते को लेकर दी पहली प्रतिक्रिया

समझौते पर हस्ताक्षर के बाद अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी में मोजतबा खामेनेई ने कहा कि उन्होंने शुरुआत में सिद्धांततः इस समझौते का विरोध किया था। हालांकि, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अधिकारियों द्वारा यह भरोसा दिलाए जाने के बाद कि देश और “रेज़िस्टेंस फ्रंट” के हित सुरक्षित रहेंगे, उन्होंने इसे मंजूरी दी।

खामेनेई ने कहा कि ईरानी अधिकारियों ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए बातचीत की और अंततः अमेरिकी प्रशासन ने समझौते को पूरा करने के लिए विशेष उत्सुकता दिखाई। उनके अनुसार, वाशिंगटन इस समझौते को हर हाल में सफल बनाना चाहता था।

ट्रंप और पेज़ेशकियन ने किया समझौते का अनुमोदन

18 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने औपचारिक रूप से समझौते को मंजूरी दी। इससे पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी वार्ताकार मोहम्मद बाक़र क़ालिबाफ़ ने प्रारंभिक दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए थे।

इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच महीनों से जारी टकराव को समाप्त करना और व्यापक कूटनीतिक वार्ता के लिए रास्ता तैयार करना है।

अमेरिका ने हटाई नौसैनिक नाकेबंदी

व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना ने एक दर्जन से अधिक जहाजों को ईरानी बंदरगाहों तक जाने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही प्रभावी रूप से ईरान पर लागू नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त हो गई है।

वेंस ने बताया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही फिर से सामान्य हो रही है। उनके अनुसार, केवल बुधवार रात के दौरान ही इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से 12.5 मिलियन बैरल से अधिक तेल का परिवहन हुआ।

उन्होंने कहा कि अमेरिका समझौते के प्रारंभिक चरण में अपनी सभी सैन्य और कूटनीतिक जिम्मेदारियों का पालन कर रहा है।

आलोचनाओं पर वेंस का जवाब

वेंस ने उन आलोचनाओं को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा है कि यह समझौता ईरान के पक्ष में अधिक झुका हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से इज़राइल में समझौते की आलोचना कर रहे नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका अब भी उनका सबसे मजबूत सहयोगी बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप वर्तमान समय में इज़राइल के सबसे बड़े समर्थकों में से एक हैं और दोनों देशों के संबंधों को राजनीतिक बयानबाज़ी के जरिए कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि वह निकट भविष्य में स्विट्जरलैंड की यात्रा कर सकते हैं, जहां समझौते के क्रियान्वयन, ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार में कमी और ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षा जैसे मुद्दों पर आगे की बातचीत होगी।

तेल टैंकरों की आवाजाही फिर शुरू

समझौते के बाद क्षेत्र में समुद्री व्यापार गतिविधियों में तेजी लौटने लगी है। इस सप्ताह की शुरुआत में दो बड़े तेल टैंकर बिना किसी रुकावट के ईरान से रवाना हुए और पूर्व अमेरिकी नौसैनिक प्रतिबंधों वाले क्षेत्र को पार कर गए।

शिपिंग ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, इन दोनों जहाजों में लगभग 3.8 मिलियन बैरल ईरानी कच्चा तेल लदा हुआ था। यह घटनाक्रम वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बढ़ी गतिविधियां

ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि देश के दक्षिणी बंदरगाहों पर शिपिंग गतिविधियां अब सामान्य हो गई हैं। हालांकि, तेहरान ने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य की निगरानी और सुरक्षा अभी भी ईरानी सैन्य बलों के नियंत्रण में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को समन्वय प्रक्रिया का पालन करना होगा।

समुद्री डेटा और विश्लेषण फर्म ‘लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस’ के अनुसार, समझौते के बाद प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने फिर से इस रणनीतिक जलमार्ग का उपयोग शुरू कर दिया है।

कंपनी के प्रधान संपादक रिचर्ड मीड ने कहा कि लगभग 110 दिनों बाद पहली बार प्रमुख वैश्विक शिपिंग कंपनियों के जहाज होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सामान्य रूप से गुजर रहे हैं।

वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान समझौते और नौसैनिक नाकेबंदी हटने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ा दबाव कम होगा। होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां किसी भी प्रकार का तनाव वैश्विक बाजारों को सीधे प्रभावित करता है।

हालांकि, विश्लेषकों का कहना है कि समझौते की वास्तविक सफलता इसके क्रियान्वयन और दोनों पक्षों द्वारा किए गए वादों के पालन पर निर्भर करेगी। आने वाले सप्ताहों में यह स्पष्ट होगा कि यह समझौता पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता स्थापित कर पाता है या नहीं।

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