नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी महेश दीक्षित को देश की प्रमुख घरेलू खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का नया निदेशक नियुक्त किया है। वे वर्तमान आईबी प्रमुख तपन डेका का स्थान लेंगे, जिनका विस्तारित कार्यकाल 30 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने महेश दीक्षित की नियुक्ति को मंजूरी देते हुए उन्हें दो वर्ष का कार्यकाल सौंपा है।
डॉक्टर से आईपीएस बनने तक का प्रेरणादायक सफर
महेश दीक्षित 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और आंध्र प्रदेश कैडर से संबंध रखते हैं। उनकी सबसे खास पहचान यह है कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक योग्य चिकित्सक (डॉक्टर) के रूप में की थी। बाद में उन्होंने सिविल सेवा का रास्ता चुना और भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होकर देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्तमान में वे इंटेलिजेंस ब्यूरो में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, जो एजेंसी का दूसरा सबसे वरिष्ठ पद माना जाता है।
आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी अभियानों के विशेषज्ञ
महेश दीक्षित को आंतरिक सुरक्षा, खुफिया संचालन और आतंकवाद-रोधी अभियानों का व्यापक अनुभव प्राप्त है। अधिकारियों के अनुसार उन्होंने देश के कई संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
वे जम्मू-कश्मीर में सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) के प्रमुख भी रह चुके हैं। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके अलावा उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों, लद्दाख और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े सुरक्षा अभियानों का भी सफल नेतृत्व किया है।
देश की सुरक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका निभाएगा नया नेतृत्व
इंटेलिजेंस ब्यूरो भारत की सबसे पुरानी और प्रमुख घरेलू खुफिया एजेंसी है। यह आतंकवाद, अलगाववाद, जासूसी गतिविधियों, आंतरिक सुरक्षा खतरों तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मामलों पर खुफिया जानकारी जुटाने का कार्य करती है। साथ ही यह विभिन्न केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और राज्य पुलिस बलों को आवश्यक खुफिया सहायता भी उपलब्ध कराती है।
सीमा पार आतंकवाद, साइबर अपराध, संगठित अपराध और उभरती आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के दौर में महेश दीक्षित के नेतृत्व को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके अनुभव से एजेंसी की परिचालन क्षमता और रणनीतिक दक्षता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
तपन डेका के बाद संभालेंगे जिम्मेदारी
महेश दीक्षित, 1988 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी तपन डेका का स्थान लेंगे। तपन डेका को वर्ष 2022 में इंटेलिजेंस ब्यूरो का निदेशक नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्हें लगातार दो बार एक-एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया। अब उनके कार्यकाल की समाप्ति के बाद महेश दीक्षित देश की सबसे महत्वपूर्ण घरेलू खुफिया एजेंसी की कमान संभालेंगे।
सरकार की बड़ी उम्मीदें
केंद्र सरकार का मानना है कि महेश दीक्षित का लंबा खुफिया अनुभव, आतंकवाद-रोधी अभियानों में उनकी विशेषज्ञता और संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने का व्यापक अनुभव देश की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अगले दो वर्षों तक वे इंटेलिजेंस ब्यूरो का नेतृत्व करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मोर्चों पर एजेंसी का मार्गदर्शन करेंगे और बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की रणनीति को नई दिशा देंगे।

