नई दिल्ली। डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स (डीआईसीवी) की प्रमुख ब्रांड भारतबेंज दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों और बसों के प्रतिस्थापन के लिए भारत सरकार की विशेष योजना से जुड़ गई है। इस संबंध में कंपनी ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस योजना का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाणिज्यिक वाहनों को आधुनिक, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल वाहनों से बदलना है। योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी प्राप्त है।
पात्र वाहनों पर 8 प्रतिशत तक की छूट
भारतबेंज ने घोषणा की है कि योजना के तहत खरीदे जाने वाले पात्र ट्रकों और बसों के एक्स-शोरूम मूल्य पर 8 प्रतिशत की विशेष छूट प्रदान की जाएगी। इससे दिल्ली-एनसीआर के हजारों वाहन मालिकों को अपने पुराने वाहनों को नए बीएस-वीआई मानक वाले वाहनों से बदलने में सहायता मिलेगी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना से दिल्ली-एनसीआर में पंजीकृत लगभग 2.07 लाख वाणिज्यिक वाहन लाभान्वित हो सकते हैं। इनमें करीब 1.91 लाख ट्रक और 16 हजार से अधिक बसें शामिल हैं।
प्रदूषण कम करने और बेड़े के आधुनिकीकरण पर जोर
योजना का वित्तपोषण आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) द्वारा किया जा रहा है। वहीं, इसका क्रियान्वयन सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सहयोग से किया जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य वाणिज्यिक वाहन बेड़े के आधुनिकीकरण को गति देना, प्रदूषणकारी उत्सर्जन में कमी लाना तथा स्वच्छ और उन्नत तकनीक वाले वाहनों को बढ़ावा देना है।
भारतबेंज ने जताई खुशी
डेमलर इंडिया कमर्शियल व्हीकल्स के अध्यक्ष एवं मुख्य व्यवसाय अधिकारी राजीव चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार की वाहन प्रतिस्थापन योजना दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि भारतबेंज के बीएस-वीआई वाणिज्यिक वाहन बेहतर ईंधन दक्षता, उच्च उत्पादकता और बेहतर परिचालन प्रदर्शन प्रदान करते हैं। कंपनी ग्राहकों को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन समाधान अपनाने में सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
किन वाहनों को मिलेगा लाभ?
यह योजना दिल्ली-एनसीआर में पंजीकृत बीएस-IV और उससे पुराने वाणिज्यिक वाहनों पर लागू होगी। पात्र वाहन मालिक अपने पुराने ट्रकों और बसों को नए बीएस-VI वाहनों, स्वच्छ ईंधन आधारित मॉडलों या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदल सकेंगे।
अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेंगे
भारतबेंज द्वारा दी जाने वाली 8 प्रतिशत छूट के अलावा लाभार्थियों को केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं का भी लाभ मिलेगा। इनमें—
- वाहन ऋण पर ब्याज सब्सिडी
- ईंधन वाउचर
- पंजीकरण शुल्क में छूट
- मोटर वाहन कर में रियायत
जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
स्वच्छ और आधुनिक परिवहन की दिशा में कदम
कंपनी का कहना है कि यह पहल टिकाऊ और हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ भारत के वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, कुशल और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

