super.money ने भारत के कॉमर्स बाज़ार में कदम रखा, लॉन्च किया ‘स्प्लिट स्टोर’

 

New Delhi : भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति ने ग्राहकों के लेनदेन के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है। देश में कुल डिजिटल पेमेंट के आंकड़ों में अकेले यूपीआई की हिस्सेदारी 85% से अधिक हो चुकी है। अब इसका अगला चरण चेकआउट के समय खरीदारी को आसान और किफायती बनाने का है, जहाँ डिजिटल भुगतान को क्रेडिट सुविधा से जोड़ा जा रहा है।

इसी को ध्यान में रखते हुए, super.money ने आज स्प्लिट स्टोर लॉन्च करने की घोषणा की है। यह सेवा यूपीआई की सादगी और लोकप्रियता का लाभ उठाते हुए आसान और ज़िम्मेदार तरीके से क्रेडिट की सुविधा देती है। रेगुलेटेड लेंडर्स की साझेदारी में तैयार की गई यह सुविधा सीधे चेकआउट के दौरान उपलब्ध होगी, जिससे ग्राहक बिना किसी ब्याज के अपनी खरीदारी की राशि को आसान किस्तों में बाँट सकेंगे।

भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ते यूपीआई प्लेटफॉर्म्स में शामिल super.money अब एक संपूर्ण कॉमर्स और वित्तीय इकोसिस्टम बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह पहल उसी का एक अहम पड़ाव है, जहाँ पेमेंट, क्रेडिट और शॉपिंग एक ही जगह आसानी से उपलब्ध होंगे।

आज की जेन ज़ी पीढ़ी खरीदारी में कोई इंतजार नहीं करना चाहती। इंस्टैंट डिजिटल सेवाएँ पाने के आदी युवा अब अपनी खपत के हिसाब से लचीले भुगतान विकल्प चाहते हैं। super.money का स्प्लिट स्टोर इसी ज़रूरत को पूरा करता है। यह ग्राहकों को कई खरीदारियों का खर्च आसान किस्तों में चुकाने की सुविधा देता है, जिससे खरीदारी बजट में तो आती ही है, साथ ही यह “स्प्लिट-कॉमर्स” के रूप में डिजिटल व्यापार के नए दौर की शुरुआत भी करता है।

भारत में पहली बार क्रेडिट यानी उधार लेने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे ध्यान में रखते हुए super.money के स्प्लिट स्टोर को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह न केवल खरीदारी को आसान बनाए, बल्कि समय पर भुगतान के ज़रिए ग्राहकों का औपचारिक क्रेडिट रिकॉर्ड बनाने और उसे सुधारने में भी मदद करे।

super.money के इस किफायती कॉमर्स दृष्टिकोण के बारे में बात करते हुए, super.money के संस्थापक और सीईओ प्रकाश सिकारिया ने कहा, “यूपीआई ने भारत में भुगतान के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। हमारा मानना है कि अगला बड़ा अवसर भारत के खरीदारी करने के तरीके को बदलने में है। आज के ग्राहक केवल तुरंत भुगतान ही नहीं चाहते, बल्कि वे तुरंत सुविधा भी चाहते हैं। स्प्लिट स्टोर के लॉन्च के साथ, हम यूपीआई की गति और भरोसे को ज़िम्मेदार क्रेडिट के साथ जोड़कर, खरीदारी को चेकआउट के समय ही बेहद आसान और किफायती बना रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “कॉमर्स का भविष्य इस बात से तय नहीं होगा कि लोग भुगतान कैसे करते हैं, बल्कि इससे तय होगा कि वे कितनी आसानी से खरीदारी कर सकते हैं। यही वह अनुभव है जो हम भारत की अगली पीढ़ी के ग्राहकों के लिए तैयार कर रहे हैं।”

super.money का स्प्लिट स्टोर क्या है?

यह यूपीआई ऐप के भीतर बनाया गया भारत का पहला स्प्लिट कॉमर्स प्लेटफॉर्म है। इसके ज़रिए ग्राहक ब्रांडेड प्रोडक्ट्स की एक बड़ी रेंज देख सकते हैं, बिना किसी ब्याज और बिना किसी शुल्क के अपने भुगतान को कई किस्तों में बाँट सकते हैं, और पूरा भुगतान होने से पहले ही प्रोडक्ट की डिलीवरी पा सकते हैं। यहाँ मोबाइल, फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, होम अप्लायंसेज, ब्यूटी, फिटनेस, गॉरमे फूड, होम और फर्नीचर जैसी श्रेणियों में 60 लाख से अधिक उत्पाद उपलब्ध हैं। इसमें एप्पल, नथिंग, मोकोबारा, नाइकी, मार्शल, एडिडास और स्निच जैसे बड़े ब्रांड शामिल हैं। इसकी डिलीवरी फ्लिपकार्ट के नेटवर्क के ज़रिए की जाती है। बस एक साधारण केवाईसी सत्यापन के साथ ग्राहक अपनी पसंद के प्रोडक्ट्स को किस्तों पर आसानी से खरीद सकते हैं। इसके लिए ना तो क्रेडिट कार्ड की ज़रूरत है, ना ही कोई प्रोसेसिंग फीस और ना ही कोई ब्याज लगता है।

super.money पिछले कुछ हफ्तों से स्प्लिट स्टोर पर पायलट चरण में काम कर रहा था और इसे शुरुआती चरण में ही बेहतरीन सफलता मिली है। इसके नतीजे काफी मजबूत रहे हैं, बड़ी संख्या में यूज़र्स ने पहली बार किस्तों में भुगतान करके खरीदारी की है। सबसे खास बात यह है कि यूपीआई की सरलता के कारण लोग समय पर भुगतान भी कर रहे हैं।

स्प्लिट स्टोर को “बाय नाउ पे लेटर” की कमियों और जोखिमों से दूर रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है: इसमें ओवर-ड्रॉ करने की कोई रिवॉल्विंग क्रेडिट लाइन नहीं है, कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं है, और न ही लेट-फीस से मुनाफा कमाने की कोई मंशा है। यहाँ ग्राहक आसानी से भुगतान करते हैं, किसी मजबूरी या जुर्माने के दबाव में नहीं। super.money ई-कॉमर्स और क्रेडिट के इस संगम को लेकर बेहद उत्साहित है।

उद्योग जगत के अनुमान बताते हैं कि भारत के कुल ई-कॉमर्स लेनदेन में किफायती भुगतान विकल्पों की हिस्सेदारी लगभग 14% तक हो सकती है। बढ़ते डिजिटल व्यापार, लचीले भुगतान विकल्पों की मांग और क्रेडिट कार्ड के सीमित इस्तेमाल के चलते यह बाज़ार वर्ष 2026 में 29 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक होने की उम्मीद है।

स्प्लिट स्टोर वर्तमान में super.money ऐप पर कुछ चुनिंदा यूज़र्स के लिए लाइव है और इसे सभी के लिए उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। यह सुविधा super.money के मौजूदा वित्तीय सेवाओं के समूह से जुड़ गई है, जिससे यह भारत का इकलौता ऐसा प्लेटफॉर्म बन गया है जहाँ आप बिना ऐप बदले पेमेंट पर कमाई कर सकते हैं, बचत बढ़ा सकते हैं, तुरंत क्रेडिट पा सकते हैं और अपने पसंदीदा उत्पाद खरीद सकते हैं।

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