तवांग में सर्दियों के लिए बिजली आपूर्ति की तैयारियों की समीक्षा, निर्बाध बिजली पर जोर

तवांग। अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिला प्रशासन ने आगामी सर्दियों के मद्देनजर बिजली आपूर्ति की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान बिजली से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने और पूरे जिले में भरोसेमंद एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

इस संबंध में तवांग की उपायुक्त नामग्याल अंगमो, आईएएस के कार्यालय कक्ष में बिजली से संबंधित एजेंसियों की समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्दियों के दौरान बिजली की संभावित कमी से निपटने और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा हुई।

बैठक में बिजली विभाग, जलविद्युत विकास विभाग, विभिन्न निजी जलविद्युत परियोजनाओं के प्रतिनिधियों, तवांग जिला परिषद की अध्यक्ष (जेडपीसी) लेकी गोम्बू, सभी जिला परिषद सदस्यों (जेडपीएम), बाजार सचिवों, जांग और लुंगला के अतिरिक्त उपायुक्तों तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भाग लिया।

बिजली की मांग और उपलब्धता का आकलन

तवांग बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता (विद्युत) एर. सांगे फुंत्सो ने जिले में बिजली की मांग और उपलब्धता का विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया। इसमें 33 केवी दुकुमपानी-तवांग बिजली आपूर्ति के साथ और उसके बिना उपलब्ध बिजली की स्थिति की जानकारी दी गई। उन्होंने सर्दियों में बिजली की मांग बढ़ने के दौरान संभावित कमी से निपटने के लिए जरूरत पड़ने पर लागू किए जा सकने वाले प्रस्तावित बिजली कटौती उपायों की भी जानकारी दी।

जलविद्युत परियोजनाओं के प्रतिनिधियों ने बिजली उत्पादन से जुड़ी एजेंसियों के सामने आने वाली चुनौतियों को उठाया। उन्होंने विशेष रूप से पर्याप्त ग्रिड बुनियादी ढांचे की कमी का उल्लेख किया। उनके अनुसार, अचानक बिजली आपूर्ति बाधित होने पर आपूर्ति बहाल रखने के लिए कई बार जलविद्युत इकाइयों का समन्वित संचालन करना पड़ता है।

कार्यपालक अभियंता ने पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) के सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारियों और बाजार सचिवों से आम लोगों को जागरूक करने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से व्यावसायिक भवनों और होटलों के मालिकों से बिजली की कमी के दौरान अधिक बिजली खपत करने वाले उपकरणों का उपयोग कम करने में सहयोग देने का आग्रह किया।

स्मार्ट मीटर लगाने और जनजागरूकता पर चर्चा

बैठक में भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं के तहत स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता की भी समीक्षा की गई। विभाग ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने का काम चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

जिला परिषद सदस्यों ने स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल बढ़ने को लेकर ग्रामीणों की चिंताओं से अधिकारियों को अवगत कराया। उन्होंने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, उसके लाभ और बिल तैयार होने की प्रक्रिया समझाने के लिए जागरूकता बैठकें आयोजित करने का सुझाव दिया।

वहीं, बाजार सचिवों ने बताया कि उनके संबंधित क्षेत्रों की दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं तथा वे बिजली विभाग के साथ सहयोग कर रहे हैं।

बिजली पारेषण व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

तवांग जिला परिषद की अध्यक्ष लेकी गोम्बू ने सर्दियों में भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जलविद्युत परियोजना संचालकों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने श्यारो जलविद्युत परियोजना को जल्द चालू करने तथा दिरांग से तवांग तक मजबूत बिजली पारेषण ग्रिड विकसित करने की दिशा में तेजी से काम करने का आग्रह किया।

उन्होंने बताया कि सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण बिजली की लाइनें अक्सर क्षतिग्रस्त हो जाती हैं या उनकी आपूर्ति बाधित हो जाती है। ऐसी स्थिति में रखरखाव कर्मियों को कठिन परिस्थितियों में सेला दर्रे के पार जाकर मरम्मत करनी पड़ती है। उन्होंने बिजली लाइनों के आसपास बाधा बन रही पेड़ों की शाखाओं को समय पर हटाने पर भी जोर दिया, ताकि टाली जा सकने वाली बिजली कटौती से बचा जा सके।

उपायुक्त ने बिजली कटौती की अग्रिम सूचना देने के निर्देश दिए

उपायुक्त नामग्याल अंगमो ने सर्दियों में बिजली की बढ़ती मांग और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए पहले से योजना बनाने, प्रभावी समन्वय और समय पर तैयारी करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थिति में सुधार के लिए विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित बिजली कटौती या लोड शेडिंग के समय-सारिणी की जानकारी देने के लिए जनता को अग्रिम सूचना जारी की जाए।

उपायुक्त ने कहा कि बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या मुख्य रूप से ग्रिड संबंधी सीमाओं से जुड़ी है। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे से संबंधित समस्याओं के समाधान में राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) और अन्य संबंधित चुनौतियों के कारण भी देरी होती है।

उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों से ग्रामीणों को इन समस्याओं के बारे में जागरूक करने, विभाग के साथ सहयोग बढ़ाने और बिजली आपूर्ति में सुधार के प्रयासों में सहयोग देने की अपील की।

तवांग के प्रमुख पर्यटन स्थल होने का उल्लेख करते हुए उपायुक्त ने कहा कि पर्यटन सीजन और सर्दियों के दौरान बार-बार बिजली कटौती होना सरकार और जिला प्रशासन, दोनों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्याओं के जल्द समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं और सभी संबंधित पक्षों से स्थायी समाधान के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

बैठक का समापन बिजली उत्पादन एजेंसियों, वितरण प्राधिकरणों, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के बीच समन्वय मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ। इसका उद्देश्य सर्दियों के लिए बिजली आपूर्ति की तैयारियों को बेहतर बनाना और बिजली बाधित होने की घटनाओं को न्यूनतम करना है।

कठोर सर्दियों के दौरान तवांग में भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता बनी हुई है। इसके तहत स्थानीय निवासियों और पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा तथा समग्र कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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