नई दिल्ली। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी अपस्किलिंग की मांग अब शुरुआती करियर वाले पेशेवरों के साथ-साथ अनुभवी टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स के बीच भी तेजी से बढ़ रही है। इसी रुझान को देखते हुए आईआईटी खड़गपुर और अपग्रेड ने अपने एग्जीक्यूटिव AI पोर्टफोलियो का विस्तार चार से बढ़ाकर सात कार्यक्रमों तक कर दिया है। इस पूरे पोर्टफोलियो में तिमाही आधार पर नामांकन में तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
अप्रैल 2026 में शुरू हुई इस साझेदारी के तहत भारत के 133 शहरों के अलावा यूएई, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और कुवैत से भी शिक्षार्थी जुड़े हैं। खास बात यह है कि इस पोर्टफोलियो में वरिष्ठ स्तर के पेशेवरों की भागीदारी उल्लेखनीय रही है। शिक्षार्थियों का औसत कार्य अनुभव 12 वर्ष है, जबकि करीब 63 प्रतिशत शिक्षार्थियों के पास 10 वर्ष से अधिक का पेशेवर अनुभव है।
बड़ी कंपनियों के टेक प्रोफेशनल्स भी शामिल
कार्यक्रमों में टीसीएस, जेपी मॉर्गन चेज, बैंक ऑफ अमेरिका, एचएसबीसी, इंफोसिस, एक्सेंचर, डेलॉइट, कैपजेमिनी, आईबीएम, ओरेकल, कॉग्निजेंट, सेल्सफोर्स, विप्रो, सिटी और क्वालकॉम जैसी प्रमुख कंपनियों के पेशेवर शामिल हैं।
इनमें वाइस प्रेसिडेंट, प्रिंसिपल इंजीनियर, इंजीनियरिंग मैनेजर, टेक लीड, स्टाफ सॉफ्टवेयर इंजीनियर, सीनियर कंसल्टेंट और डेटा साइंटिस्ट जैसे पदों पर काम करने वाले प्रोफेशनल शामिल हैं।
चार से बढ़कर सात हुए विशेष कार्यक्रम
शुरुआत में पोर्टफोलियो में चार एग्जीक्यूटिव कार्यक्रम शामिल थे, जिनमें जनरेटिव AI, AI-नेटिव सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, एप्लाइड AI एंड मशीन लर्निंग और टेक्नोलॉजी एंड AI लीडरशिप शामिल थे।
बढ़ती मांग के बाद अब तीन नए विशेष कार्यक्रम जोड़े गए हैं। इनमें बिल्डिंग AI प्रोडक्ट्स, सिस्टम्स एंड सर्विसेज; एप्लाइड डेटा साइंस एंड एजेंटिक AI; तथा फिनटेक एंड AI शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए पेशेवरों को अपनी भूमिका और कार्यक्षेत्र के अनुरूप AI से जुड़ी क्षमताएं विकसित करने का अवसर मिल रहा है।
जनरेटिव AI और मशीन लर्निंग कार्यक्रमों की सबसे ज्यादा मांग
व्यावहारिक AI कौशल से जुड़े कार्यक्रमों की मांग सबसे अधिक रही है। एग्जीक्यूटिव पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट इन जनरेटिव AI एंड एजेंटिक AI और एग्जीक्यूटिव पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट इन एप्लाइड AI एंड मशीन लर्निंग दोनों में तिमाही आधार पर नामांकन में दो गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
ये दोनों कार्यक्रम पोर्टफोलियो के तेजी से बढ़ने वाले कार्यक्रमों में शामिल हैं। वहीं AI प्रोडक्ट डेवलपमेंट, डेटा साइंस, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी लीडरशिप और फिनटेक में विशेष कार्यक्रमों की मांग से भी नामांकन में वृद्धि हुई है।
बेंगलुरु सबसे बड़ा शिक्षार्थी केंद्र
AI अपस्किलिंग की बढ़ती मांग देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी केंद्रों में भी दिखाई दे रही है। बेंगलुरु सबसे बड़ा शिक्षार्थी केंद्र बनकर उभरा है। इसके बाद हैदराबाद और पुणे का स्थान है। मुंबई, दिल्ली-NCR, कोलकाता, चेन्नई और कई उभरते शहरों से भी बड़ी संख्या में पेशेवर इन कार्यक्रमों में नामांकन कर रहे हैं।
क्षेत्रवार देखें तो टेक्नोलॉजी सर्विसेज, कंसल्टिंग और वित्तीय सेवाएं AI को अपनाने में प्रमुख क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों से आने वाले शिक्षार्थियों की हिस्सेदारी कुल शिक्षार्थी आधार की करीब आधी है।
AI के दौर में लगातार सीखना जरूरी : IIT खड़गपुर
आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने कहा कि संस्थान अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे कर रहा है और उसकी पहचान केवल उसकी विरासत से नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों के प्रति प्रतिक्रिया देने की क्षमता से भी होती है।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उद्योगों, संस्थानों और समाज में बदलाव ला रहा है। ऐसे में आजीवन सीखना लगातार महत्वपूर्ण शैक्षणिक जिम्मेदारी बनता जा रहा है। अपग्रेड के साथ साझेदारी इसी प्रतिबद्धता को दर्शाती है और आईआईटी खड़गपुर की शैक्षणिक विशेषज्ञता को बड़े पैमाने पर पेशेवरों तक पहुंचाने में मदद करती है।
उन्होंने आउटरीच कोर्स नेटवर्क (OCN) जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये विश्वसनीय लर्निंग फ्रेमवर्क तैयार करने में मदद करती हैं। संस्थान इस साझेदारी को राष्ट्रीय और वैश्विक महत्व के नए क्षेत्रों तक विस्तार देने के लिए भी तैयार है।
अनुभवी टेक प्रोफेशनल्स में AI अपस्किलिंग की बढ़ती मांग
अपग्रेड के हायर एजुकेशन प्रोग्राम्स के सीईओ अनुज विश्वकर्मा ने कहा कि पोर्टफोलियो को मिली प्रतिक्रिया से उद्योग में हो रहे बदलाव का संकेत मिलता है। उनके अनुसार AI अपस्किलिंग अब केवल शुरुआती करियर वाले पेशेवरों तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुभवी टेक्नोलॉजी लीडर्स भी लगातार नई क्षमताएं विकसित करने पर जोर दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विशेष और भूमिका-आधारित लर्निंग की मजबूत मांग के कारण कुछ ही महीनों में पोर्टफोलियो को चार से बढ़ाकर सात कार्यक्रमों तक किया गया है। आईआईटी खड़गपुर के साथ मिलकर ऐसे लर्निंग पाथवे तैयार किए जा रहे हैं, जो पेशेवरों को AI को केवल रणनीतिक प्राथमिकता के रूप में देखने के बजाय उसे कार्यस्थल पर व्यावहारिक क्षमता में बदलने में मदद करें।
95 प्रतिशत से अधिक शिक्षार्थियों ने सक्रिय किया अकाउंट
कार्यक्रमों में शुरुआती शिक्षार्थी भागीदारी भी मजबूत रही है। नामांकित शिक्षार्थियों में से 95 प्रतिशत से अधिक ने अपने अकाउंट सक्रिय कर अपनी लर्निंग यात्रा शुरू कर दी है। यह संकेत देता है कि पूर्णकालिक करियर के साथ पढ़ाई करने वाले पेशेवरों के लिए ये कार्यक्रम उपयोगी साबित हो रहे हैं।
शुरुआती बैच के शिक्षार्थियों के कार्यक्रमों में आगे बढ़ने के साथ पूर्णता और प्रमाणन से जुड़े आंकड़े बाद में उपलब्ध होंगे।
यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब आईआईटी खड़गपुर ने 18 अगस्त 2026 को अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे किए। संस्थान के पहले ऑनलाइन एग्जीक्यूटिव एजुकेशन पोर्टफोलियो के रूप में यह साझेदारी अनुभवी पेशेवरों के बीच संरचित और उन्नत AI शिक्षा की बढ़ती मांग को रेखांकित करती है। साथ ही, यह भारत के टेक्नोलॉजी वर्कफोर्स को AI के दौर के लिए तैयार करने में एग्जीक्यूटिव लर्निंग की बढ़ती भूमिका को भी सामने लाती है।

