‘सैमसंग दोस्त’ से उत्तर प्रदेश के युवाओं को मिल रही रोजगार की नई राह, रिटेल क्षेत्र में निखर रहा कौशल और आत्मविश्वास

नोएडा। युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने और उनके लिए करियर के नए अवसर खोलने की दिशा में सैमसंग का ‘सैमसंग दोस्त’ (Samsung DOST) कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस पहल के माध्यम से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और लखनऊ के युवाओं को रिटेल क्षेत्र में काम करने के लिए जरूरी कौशल, व्यावहारिक अनुभव और आत्मविश्वास विकसित करने का अवसर मिल रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें कार्यस्थल की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना भी है।

आज के प्रतिस्पर्धी दौर में युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, शिक्षा पूरी करने के बाद रोजगार के लिए जरूरी व्यावहारिक अनुभव हासिल करना। कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देती हैं, जिन्हें ग्राहकों से बातचीत करने, उनकी जरूरतों को समझने और कार्यस्थल की जिम्मेदारियां निभाने का अनुभव हो। सैमसंग दोस्त इसी जरूरत को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण और व्यावहारिक सीखने का अवसर उपलब्ध करा रहा है।

इस कार्यक्रम से जुड़ने वाले युवा सैमसंग के विभिन्न उत्पादों, बिक्री की तकनीकों, ग्राहक सेवा और स्टोर के दैनिक संचालन से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण के साथ उन्हें वास्तविक स्टोर में काम करने का अनुभव भी दिया जा रहा है।

गाजियाबाद में इस कार्यक्रम से जुड़े स्नातक अभिषेक कुमार एलईडी टेलीविजन के फीचर्स की जानकारी ग्राहकों को देना और उनकी जरूरत के अनुसार उत्पाद चुनने में सहायता करना सीख रहे हैं। उनके प्रशिक्षण में उत्पादों की सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़े पहलू भी शामिल हैं। वहीं, मयंक कुमार फ्रीजर की बिक्री में ग्राहकों की जरूरतों को समझने और प्रभावी ढंग से उत्पादों की जानकारी देने का कौशल विकसित कर रहे हैं।

ज्योति सिंह के लिए यह कार्यक्रम पेशेवर दुनिया में पहला कदम साबित हुआ है। शुरुआत में उन्हें ग्राहकों से बातचीत करने और कार्यस्थल की अपेक्षाओं के अनुरूप खुद को ढालने में संकोच होता था। हालांकि, वरिष्ठ सहयोगियों से मिले प्रशिक्षण और मार्गदर्शन ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। अब वह ग्राहकों से संवाद करने और अपनी जिम्मेदारियां निभाने में अधिक सहज महसूस करती हैं।

लखनऊ में भी इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को रिटेल क्षेत्र की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। अंजलि शर्मा ग्राहकों की आवश्यकताओं को समझने और वॉशिंग मशीन के विभिन्न फीचर्स की जानकारी देने का प्रशिक्षण ले रही हैं। इसके साथ ही उन्हें उत्पादों को सुरक्षित तरीके से संभालने और स्टॉक का रिकॉर्ड रखने का अनुभव भी मिल रहा है।

नाजमीन सेल्स पिच का अभ्यास कर रही हैं। वह टेलीविजन और रेफ्रिजरेटर जैसी अलग-अलग उत्पाद श्रेणियों में ग्राहकों की पसंद और जरूरतों को पहचानने का कौशल सीख रही हैं।

कार्यक्रम का दायरा केवल बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें स्टोर प्रबंधन और परिचालन से जुड़ी जिम्मेदारियों को भी शामिल किया गया है। मनीष निषाद इन्वेंट्री की जांच, स्टॉक रिकॉर्ड, बिलिंग और ग्राहक सहायता के बारे में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। वहीं, सोनम मिश्रा एयर कंडीशनर और वॉशिंग मशीन की बिक्री के साथ स्टॉक प्रबंधन तथा बिक्री के बाद ग्राहक सेवा का अनुभव हासिल कर रही हैं।

रोजगार के साथ परिवार के सपनों को पूरा करने की उम्मीद

इस कार्यक्रम से जुड़ने वाले कई युवाओं के लिए रोजगार केवल व्यक्तिगत करियर बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर भी है। पूजा रावत एक स्थिर करियर बनाकर अपने परिवार की सहायता करना चाहती हैं। वहीं, नेहा कैरा घर के खर्चों में योगदान देने के साथ अपने बच्चों की शिक्षा के लिए भी आर्थिक सहयोग करना चाहती हैं।

इन युवाओं की आकांक्षाएं बताती हैं कि कौशल विकास और रोजगार के अवसर किसी व्यक्ति के जीवन के साथ-साथ पूरे परिवार के भविष्य को भी प्रभावित करते हैं। सही प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और व्यावहारिक अनुभव मिलने से युवा न केवल आत्मनिर्भर बन सकते हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को भी बेहतर तरीके से निभा सकते हैं।

2026 में 13 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य

सैमसंग दोस्त कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम से सीखने, कक्षा आधारित प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव का समन्वय किया गया है। इसके तहत प्रतिभागियों को उत्पादों की जानकारी, बिक्री कौशल, ग्राहक सेवा और रिटेल संचालन की बारीकियां सिखाई जाती हैं।

वर्ष 2026 में इस कार्यक्रम के माध्यम से देशभर में 13 हजार युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के साथ रिटेल क्षेत्र में कुशल कार्यबल विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

दरअसल, आज रोजगार की दुनिया में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है। संवाद कौशल, ग्राहकों की जरूरतों को समझने की क्षमता, उत्पादों की जानकारी और कार्यस्थल पर जिम्मेदारी निभाने का हुनर भी उतना ही जरूरी है। सैमसंग दोस्त जैसी पहल इन सभी पहलुओं को प्रशिक्षण का हिस्सा बनाकर युवाओं को आत्मविश्वास के साथ पेशेवर जीवन में आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।

शॉप फ्लोर पर ग्राहकों से संवाद करने, उत्पादों की विशेषताएं समझाने और स्टोर की जिम्मेदारियां निभाने के दौरान ये युवा केवल काम करना नहीं सीख रहे, बल्कि अपने भविष्य की मजबूत नींव भी तैयार कर रहे हैं।

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