AICGHSEA के विनीत कुमार चौहान बने स्वास्थ्य मंत्रालय की डिपार्टमेंटल काउन्सिल के लीडर स्टाफ साइड

नई दिल्ली। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र (JCM) की डिपार्टमेंटल काउन्सिल के लीडर स्टाफ साइड और सेक्रेटरी स्टाफ साइड के चुनाव सोमवार को अखिल भारतीय CGHS कर्मचारी संघ (AICGHSEA) के केंद्रीय मुख्यालय, नई दिल्ली में सौहार्दपूर्ण और लोकतांत्रिक माहौल में संपन्न हुए।

चुनाव प्रक्रिया में मंत्रालय द्वारा नामित 14 सदस्यों में से 13 सदस्य व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे, जबकि एक सदस्य ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी सहमति और समर्थन दर्ज कराया। इस अवसर पर पूर्व JCM लीडर जयदेव जी समेत विभिन्न स्वास्थ्य संगठनों और शाखाओं के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत AICGHSEA की केंद्रीय कार्यकारिणी द्वारा सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के स्वागत से हुई। इसके बाद सर्वसम्मति से सत्य नारायण जी को प्रेसाइडिंग ऑफिसर और संघ के राष्ट्रीय महासचिव श्री शशिकान्त शर्मा को असिस्टेंट प्रेसाइडिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया।

श्री सत्य नारायण की अध्यक्षता में हुई चुनाव प्रक्रिया में सर्वसम्मति से AICGHSEA के वरिष्ठ नेता श्री विनीत कुमार चौहान को लीडर स्टाफ साइड तथा GMSD कर्मचारी संघ के वरिष्ठ प्रतिनिधि श्री दिलबाग सिंह को सेक्रेटरी स्टाफ साइड चुना गया। घोषणा के बाद उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने दोनों नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का सम्मान किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

अपने संबोधन में नवनिर्वाचित लीडर स्टाफ साइड श्री विनीत कुमार चौहान ने कहा कि उनकी प्राथमिकता केवल कर्मचारियों की समस्याओं को उठाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और विश्वस्तरीय बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय और उससे जुड़े संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल सुविधाएं, सुरक्षा, निष्पक्ष पदोन्नति, सम्मानजनक पेंशन और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना उनकी प्रमुख जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा, “हम सभी संगठनों को साथ लेकर कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे।”

AICGHSEA के राष्ट्रीय महासचिव श्री शशिकान्त शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि निदेशक CGHS के उदासीन रवैये के कारण कर्मचारी हितों से जुड़े कई अहम मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब AICGHSEA के प्रतिनिधियों के JCM में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने से कर्मचारियों की आवाज स्वास्थ्य सचिव और कैबिनेट सचिव स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि संगठन आगे स्थानांतरण SOP के उल्लंघन, ट्रांसफर प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, शाखा पदाधिकारियों के उत्पीड़न, सिटी मुख्यालय पोस्टिंग में भेदभाव और लंबित मांगपत्रों जैसे मुद्दों को मजबूती से उठाएगा।

कार्यक्रम का समापन कर्मचारी हितों की रक्षा, संगठनात्मक एकजुटता और स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के संकल्प के साथ हुआ।

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