एपीएसईज़ेड और अमेरिकी कंपनी कैलेरिस की साझेदारी का विस्तार, बंदरगाहों में एआई आधारित बदलाव को मिलेगी रफ्तार

अहमदाबाद। भारत की सबसे बड़ी एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी कैलेरिस (Kaleris) के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की दक्षता बढ़ाना तथा संचालन को अधिक स्मार्ट और स्वचालित बनाना है।

कंपनी के अनुसार, इस बहुवर्षीय समझौते के तहत कैलेरिस अपने एआई-सक्षम और प्लग-एंड-प्ले ऑपरेटिंग प्लेटफॉर्म को एपीएसईज़ेड के 9 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों में स्थित 15 कंटेनर टर्मिनलों पर लागू करेगी। यह परियोजना कंपनी के वर्ष 2030 तक एक अरब टन वार्षिक कार्गो हैंडलिंग क्षमता हासिल करने के लक्ष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

एपीएसईज़ेड ने वर्ष 2031 तक तकनीकी उन्नयन और डीकार्बोनाइजेशन (कार्बन उत्सर्जन में कमी) के लिए 850 मिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश करने की योजना बनाई है। इसमें से लगभग 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर दो चरणों में ऑटोमेशन और ऑप्टिमाइजेशन को गति देने के लिए कैलेरिस के साथ साझेदारी पर खर्च किए जाएंगे।

कंपनी का अनुमान है कि इस तकनीकी सहयोग के माध्यम से वर्ष 2030 तक लगभग 91 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) अतिरिक्त क्षमता विकसित की जा सकेगी, जो मौजूदा स्थापित क्षमता का करीब 10 प्रतिशत है।

इस परियोजना के तहत कैलेरिस का एडवांस्ड ऑप्टिमाइजेशन सिस्टम कंटेनर संचालन को अधिक कुशल बनाएगा। कंपनी का दावा है कि इससे रबर टायर्ड गैन्ट्री (RTG) क्रेन की उत्पादकता में 20 प्रतिशत तक तथा टर्मिनल ट्रकों की उत्पादकता में 14 प्रतिशत तक सुधार संभव होगा। इससे कार्गो संचालन की गति बढ़ेगी और बंदरगाहों पर जहाजों के ठहराव का समय कम होगा।

एपीएसईज़ेड के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अश्विनी गुप्ता ने कहा कि बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करने के लिए एआई आधारित ऑटोमेशन अगला बड़ा कदम साबित होगा। उन्होंने कहा कि कंपनी पहले से ही ‘शोर टू डोर’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का संचालन कर रही है, जो ग्राहकों को ट्रैक-एंड-ट्रेस तथा एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल जैसी सुविधाएं प्रदान करता है। कैलेरिस के साथ एकीकरण से उत्पादकता और टर्नअराउंड टाइम में और सुधार होगा।

वहीं कैलेरिस के अध्यक्ष एवं सीईओ किर्क नॉफ ने कहा कि एपीएसईज़ेड बड़े पैमाने पर एआई-सक्षम पोर्ट नेटवर्क के वास्तविक प्रभाव को प्रदर्शित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी 15 टर्मिनलों तक विस्तार इस साझेदारी की सफलता और दोनों कंपनियों के बीच मजबूत विश्वास को दर्शाता है।

बढ़ते कार्गो वॉल्यूम और जटिल होती वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को देखते हुए एपीएसईज़ेड कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), कंप्यूटर विजन और उन्नत ऑप्टिमाइजेशन तकनीकों में निवेश कर रहा है। इन तकनीकों के माध्यम से वास्तविक समय में निगरानी, बेहतर संसाधन प्रबंधन और तेज निर्णय लेने की क्षमता विकसित की जाएगी।

गौरतलब है कि एपीएसईज़ेड ने पिछले वर्षों में अपनी कार्गो हैंडलिंग क्षमता में तेजी से विस्तार किया है। कंपनी को पहले 100 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो तक पहुंचने में एक दशक से अधिक समय लगा था, जबकि इसके बाद के सभी मील के पत्थर कहीं अधिक तेज गति से हासिल किए गए। आज कंपनी का नेटवर्क बंदरगाहों, रेल, सड़क, ट्रकिंग, वेयरहाउस और कार्गो गेटवे को जोड़ने वाला देश का सबसे बड़ा एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म बन चुका है।

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