मुंबई: भारतीय सिनेमा में पौराणिक और धार्मिक कहानियों को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। इसी बीच गुजराती सिनेमा भी एक नई भक्ति-कथा को बड़े पर्दे पर पेश करने की तैयारी में है। ज़ी स्टूडियोज़ और वामिका फिल्म्स ने अपनी आगामी गुजराती डिवोशनल फिल्म ‘किंग ऑफ सालंगपुर’ की घोषणा कर दी है। फिल्म के ऐलान के साथ इसका फर्स्ट लुक भी जारी किया गया है, जिसमें सालंगपुर हनुमान दादा की दिव्य छवि की झलक देखने को मिलती है।
हाल के समय में ‘रामायण’, ‘महाकाली’ और ‘जय हनुमान’ जैसी पौराणिक कहानियों को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता देखने को मिल रही है। इसी माहौल के बीच ‘किंग ऑफ सालंगपुर’ आस्था, भक्ति और ईश्वर के प्रति विश्वास से जुड़ी एक भावनात्मक कहानी को दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
सालंगपुर हनुमान दादा की आस्था पर केंद्रित होगी फिल्म
‘किंग ऑफ सालंगपुर’ दर्शकों को गुजरात के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सालंगपुर से जुड़ी आस्था और आध्यात्मिक महत्व की यात्रा पर ले जाने का प्रयास करेगी। सालंगपुर हनुमान दादा का मंदिर गुजरात ही नहीं, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र है।
फिल्म के जरिए सालंगपुर से जुड़ी भक्ति और धार्मिक भावनाओं को बड़े पर्दे पर सिनेमाई रूप देने की कोशिश की जा रही है। जारी किए गए फर्स्ट लुक में फिल्म की आध्यात्मिक दुनिया और माहौल की झलक दिखाई गई है, जिसने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है।
‘टॉम एंड चेरी’ के बाद गुजराती सिनेमा में ज़ी स्टूडियोज़ की अगली फिल्म
ज़ी स्टूडियोज़ गुजराती सिनेमा में अपनी मौजूदगी को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। स्टूडियो ने इससे पहले ‘टॉम एंड चेरी’ के जरिए गुजराती फिल्म मार्केट में कदम रखा था। अब ‘किंग ऑफ सालंगपुर’ के साथ वह गुजरात की संस्कृति, आस्था और धार्मिक भावनाओं से जुड़ी कहानी लेकर आ रहा है।
फिल्म के जरिए स्थानीय दर्शकों की भावनाओं और गुजरात की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी कहानी को बड़े सिनेमाई अनुभव में पेश करने की कोशिश की जा रही है। भक्ति और भावनाओं के साथ फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट भी इसे बड़े पर्दे के लिए खास बना सकता है।
प्रशांत देशवाल कर रहे हैं फिल्म का निर्देशन
‘किंग ऑफ सालंगपुर’ का निर्देशन प्रशांत देशवाल कर रहे हैं। फिल्म के निर्माता ध्रुव देशवाल, अमित संतोकी, चेतन थुम्मर और आनंद अघारा हैं। वहीं हार्दिक गडारा को-प्रोड्यूसर और मोहित वाघासिया क्रिएटिव प्रोड्यूसर के रूप में प्रोजेक्ट से जुड़े हैं।
ज़ी स्टूडियोज़ और वामिका फिल्म्स के साथ आने से फिल्म को मजबूत प्रोडक्शन और थिएट्रिकल प्लेटफॉर्म मिलने की उम्मीद है। मेकर्स का लक्ष्य सालंगपुर हनुमान दादा से जुड़ी इस धार्मिक और आध्यात्मिक कहानी को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाना है।
बड़े पर्दे पर दिखेगी आस्था और भक्ति की कहानी
फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका विषय है। सालंगपुर हनुमान दादा देशभर के श्रद्धालुओं के बीच गहरी आस्था का केंद्र हैं। ऐसे में फिल्म की कहानी में भक्ति, विश्वास और आध्यात्मिक भावनाओं को प्रमुखता मिलने की उम्मीद है।
फर्स्ट लुक जारी होने के बाद अब दर्शकों की नजर फिल्म से जुड़े अगले अपडेट पर है। आने वाले दिनों में मेकर्स फिल्म की कास्ट, कहानी और रिलीज डेट से जुड़ी और जानकारी साझा कर सकते हैं।
भारतीय सिनेमा में पौराणिक और धार्मिक कहानियों को लेकर बढ़ती दिलचस्पी के बीच ‘किंग ऑफ सालंगपुर’ गुजराती सिनेमा में एक अलग तरह की डिवोशनल कहानी पेश करने की तैयारी कर रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सालंगपुर हनुमान दादा की आस्था पर आधारित यह फिल्म दर्शकों के बीच कितना प्रभाव छोड़ती है।

