साहित्य अकादमी के वेबश्रृंखला में मैथिली काव्य पाठ का आयोजन

नई दिल्ली। साहित्य को समाज का दर्पण यूं ही नहीं कहा गया है। साहित्य अकादमी समय के अनुरूप व्यवहार भी कर रही है। कोरोना काल में डिजिटल माध्यम से वह …

होइहि सोई जो राम रचि राखा, को करि तरक बढ़ावै साखा

कृष्णमोहन झा सदियों पुराने अयोध्या विवाद पर गत वर्ष 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जब अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया और उसे सभी संबंधित पक्षों ने सहर्ष स्वीकार कर लिया …

समझना है, तो पढना होगा

निशिकांत ठाकुर पिछले कुछ दिनों से लगातार देश में घटित घटनाओं पर अपनी राय अपने मित्रों के लिए रखता रहा। दरअसल , जो पढ़ता हूं, आगे पीछे सुनता हूं, उसी …

छाए बादल

छाए बादल दौड़-धूप कर आए बादल सूरज को ढक छाए बादल मोर मुदित हैं दादुर हर्षित झींगुर हर्ष कर रहे प्रदर्शित वायु बना रथ दौड़ रहा है मेघदूत हो रहे …

मस्तराम जिंदाबाद

नई दिल्ली।  वे बेकार थे और सडकों से अधिक दफ्तरों के चक्कर लगाते थे । भूखे थे और घर से पैसे आने बंद थे । एक होटल में पहुंचे और …

बच्चों को दादी-नानी से मिलता है जीवन का अमूल्य ज्ञान

नई दिल्ली। राहत इंदौरी का एक शेर है, बुज़ुर्ग कहते थे एक वक़्त आएगा जिस दिन, जहाँ पे डूबेगा सूरज वहीं से निकलेगा…बात गहरी है, क्योंकि एक परिवार, पीढ़ियों दर …

यह भी एक कला है -टरकाना

नई दिल्ली। हम सब शब्दों के जादूगर हैं । किसी भलेमानस ने कहा था और मैंने विश्वास नहीं किया था । अब मैं कह रहा हूं और आपको भी विश्वास …

खुशाली कुमार की डायरी से लॉकडाउन स्पेशल कविता सुनिए

नई दिल्ली। इस लॉकडाउन की दुनिया के कारण सभी का जीवन चुनौतीपूर्ण और कठिन हो गया है। इसमें सभी संभावनाएं हैं, कोई भी इंसान इसके प्रभाव से अछूता नहीं है। …