केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल, मुन्ना यादव ने उठाई जनता की मांग

मुंबई। केंद्र सरकार की कई योजनाओं का जनता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। कागजी तौर पर भले ही सरकार के लोग इसका गुणगान करें, लेकिन कई बुद्धिजीवी इसका विरोध कर रहे हैं। नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुन्ना यादव ने केंद्र सरकार की जीएसटी और प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाए जाने की नीति को जन विरोधी बताया है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुन्ना यादव ने केंद्र सरकार से अपनी नीतियों की समीक्षा करने का आग्रह किया है। साथ ही यह भी कहा कि जनता के व्यापक हित को देखकर ही सरकारी नीतियां बनायी जानी चाहिए।

प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुन्ना यादव ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने आनन फानन में जीएसटी लगा दिया। उसने यह भी नहीं सोचा कि देश के करोड़ों व्यापारियों के काम काज पर इसका क्या असर होगा ? उन्होंने कहा कि अचानक से जीएसटी थोपने के कारण कई व्यापारियों के प्रतिष्ठान में मजदूरों की छंटनी हो गई। लाखों लोग बेरोजगार हुए हैं, इसके लिए प्रधानमंत्री को फिर से विचार करना चाहिए।

इसके साथ ही केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर को लिखे एक अन्य पत्र में नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुन्ना यादव ने कहा कि एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण के नाम पर प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा रही है लेकिन इससे प्लास्टिक उद्योग में काम कर रहे तमाम लोगों के रोजगार पर असर पड़ेगा। वहीं, दूसरी ओर सरकार स्मार्ट सिटी के नाम पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर रही है। विकास के नाम पर पूरी पारिस्थितिकी को तहस-नहस किया जा रहा है। इस ओर भी सरकार को ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वाकई उचित काम करना चाहती है, तो उसे समग्रता में सोचना चाहिए।

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