शंघाई। शंघाई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘सेवा रविवार’ और ‘ग्रीन ऑफिस, हेल्दी ऑफिस’ थीम के तहत विशेष हरित अभियान का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की मेजबानी भारत के महावाणिज्य दूत श्री प्रतीक माथुर ने की, जिसमें भारतीय प्रवासी समुदाय और स्थानीय चीनी समुदाय के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम को विशेष रूप से बच्चों की सहभागिता पर केंद्रित किया गया। 1 जून को अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस मनाए जाने के संदर्भ में महावाणिज्य दूत ने कहा कि यह बाल-नेतृत्व वाली सामुदायिक पहल दोनों देशों की भावी पीढ़ियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को एक साझा मंच पर लाने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
इस अवसर पर बच्चों ने पौधे समर्पित कर पर्यावरण संरक्षण और भारत-चीन समुदायों के बीच मित्रता एवं आपसी समझ को मजबूत करने का संदेश दिया। प्रत्येक पौधा साझा जिम्मेदारी और दोनों संस्कृतियों के बीच बढ़ते संबंधों का प्रतीक बना।
महावाणिज्य दूत श्री प्रतीक माथुर ने प्रधानमंत्री की प्रेरणा से शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल अब वैश्विक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन का एक जनआंदोलन बन चुकी है। उन्होंने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए युवाओं और विद्यार्थियों से हरित एवं स्वच्छ पृथ्वी के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि सतत विकास के लिए वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) के नेतृत्व में साझेदारी, सहयोग और जनभागीदारी की भावना के साथ आगे बढ़ना समय की आवश्यकता है। युवाओं को पर्यावरण संरक्षण का दूत बनकर समाज में जागरूकता फैलानी चाहिए।
कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक सहभागिता और भारत-चीन जन-से-जन संपर्क को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। आयोजन में यह संदेश दिया गया कि एक सतत, हरित और सौहार्दपूर्ण भविष्य के निर्माण में समुदाय की सक्रिय भागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

