नई दिल्ली। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास की अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, प्रांतीय एवं जिला स्तर तक की सभी वर्तमान कार्यकारिणियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। यह निर्णय न्यास की कोर कमेटी द्वारा दिल्ली में आयोजित बैठक में लिया गया।
न्यास की ओर से जारी सूचना के अनुसार, वर्तमान कार्यकारिणी ने अपना तीन वर्षीय कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। संगठन को समय की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक, सशक्त और पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
न्यास के मुख्य संरक्षक वेद प्रकाश कटियार, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक रूप सिंह नागर तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष संत दिनेश फलाहारी जी महाराज के निर्देशानुसार अंतरराष्ट्रीय से लेकर जिला स्तर तक की सभी मौजूदा कार्यकारिणियों को भंग करने का निर्णय लिया गया।
न्यास ने स्पष्ट किया है कि संगठनात्मक पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण की प्रक्रिया के तहत आगे की सभी कार्रवाइयां संगठन समिति के निर्देशन एवं निर्णय के अनुसार संपादित की जाएंगी। नई कार्यकारिणियों के गठन, संगठन विस्तार तथा विभिन्न पदों पर नियुक्तियों से संबंधित जानकारी समय-समय पर सार्वजनिक की जाएगी।
इस अवसर पर न्यास ने पिछले तीन वर्षों के दौरान सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं कृष्ण भक्तों द्वारा दिए गए समर्पित योगदान, निष्ठा और सेवाओं के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी संगठन, धर्म और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों में सभी के सहयोग और सक्रिय सहभागिता की अपेक्षा जताई गई।
न्यास के पदाधिकारियों का कहना है कि संगठन के इस पुनर्गठन का उद्देश्य कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाना है, जिससे श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े जनजागरण एवं संगठनात्मक अभियानों को नई गति मिल सके।

