परिवार व्यवस्था, स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती हत्याकांड आयोग रिपोर्ट पर विश्व हिंदू परिषद के प्रस्ताव, संत रविदास जी की 650वीं जयंती एवं श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की जयंती पर विशेष योजनाएं

 

नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की दो दिवसीय बैठक 19-20 जुलाई 2026 को तेरापंथ भवन, छतरपुर, नई दिल्ली में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से केंद्रीय पदाधिकारियों एवं प्रबंध समिति के सदस्यों ने भाग लिया। समसामयिक राष्ट्रीय एवं सामाजिक मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
1. परिवार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का प्रस्ताव:
बैठक में भारतीय समाज की मूल शक्ति परिवार व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि भारतीय परिवार व्यवस्था ने सदियों से समाज को संस्कारित, संगठित एवं आत्मीय बनाए रखा है। वर्तमान समय की चुनौतियों का समाज एवं शासन दोनों स्तरों पर गंभीर समाधान आवश्यक है। कुछ न्यायिक निर्णयों ने पारंपरिक सुदृढ़ कुटुंब व्यवस्था को ठेस पहुंचाई है,जैसे विवाहेत्तर संबंधों को मान्यता,लिव इन रिलेशन को वैधानिकता, समलैंगिकता को मान्यता आदि, इन पर व्यापक चर्च कराकर क़ानून बनाना ताकि पारिवारिक क्षति को रोका जा सके।
परिषद ने परिवार प्रबोधन तथा पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण हेतु व्यापक जनजागरण अभियान चलाने का निर्णय लिया।
2. स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती जी की हत्या की जांच आयोग रिपोर्ट पर चिंता:
पूज्य स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती जी की कंधमाल (ओडिशा) में हुई निर्मम हत्या की जांच हेतु गठित आयोग की रिपोर्ट गायब होने तथा सार्वजनिक न किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
केंद्रीय प्रबंध समिति ने मांग की है कि सी.बी.आई द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। परिषद ने कहा कि इस राष्ट्रीय महत्व के विषय पर सत्य सामने लाना न्याय एवं जनविश्वास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उड़ीसा में मतान्तरण पर पूर्ण प्रतिबन्ध का आह्वान किया गया।
3. संत रविदास जी की 650वीं जन्मशती पर विशेष वक्तव्य:
संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जन्मशती के अवसर पर विशेष वक्तव्य पारित किया गया। परिषद ने कहा कि संत रविदास जी द्वारा दिए गए सामाजिक समरसता, समानता, आध्यात्मिक चेतना एवं मानव मर्यादा के संदेश आज भी पूरे भारतीय समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
परिषद पूरे देश में विविध कार्यक्रम आयोजित कर उनके संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लेती है।
4. श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की जन्म शताब्दी वर्ष के निमित्त योजनाएं:
27 सितंबर 2026 को श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन के प्रणेता श्रद्धेय अशोक सिंघल जी की जयंती है। बैठक में निर्णय लिया गया कि पूरे वर्ष उनके द्वारा हिंदू समाज के लिए किए गए अतुलनीय कार्यों को समाज के मध्य ले जाया जाएगा। उनकी शताब्दी वर्ष में विश्व हिंदू परिषद संगठनात्मक विस्तार पर विशेष ध्यान देगी।
अशोक सिंघल जी ने राम मंदिर आंदोलन को मजबूत नेतृत्व प्रदान किया, हिंदू जागरण अभियान चलाए, सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया,गौआधारित कृषि के माध्यम से गौरक्षा एवं उनके संवर्धन के कार्य को बढ़ाया जाएगा। प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा की पुनर्स्थापना का केन्द्र बनेंगे वेद विद्यालय । उन्होंने विश्व हिंदू परिषद को एक शक्तिशाली संगठन के रूप में स्थापित किया। उनके दूरदर्शी विचारों एवं अथक प्रयासों ने हिंदू समाज में नई चेतना का संचार किया। 1 करोड़ हितचिंतक बनाने का संकल्प किया गया।
बैठक का समापन हिंदू समाज को संगठित करने, सनातन मूल्यों की रक्षा करने तथा राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ

Leave a Reply

Your email address will not be published.