पांच ड्रोन निर्माता कंपनियों के पास है टाइप सर्टिफिकेट: जनरल वीके सिंह

नई दिल्ली। देश में तकरीबन 200 ड्रोन स्टार्टअप कंपनियां कार्यरत हैं और यह संख्या आगे तीव्र गति से बढ़ने की संभावना है। एक अनुमान के मुताबिक 2025 से प्रति वर्ष भारत में साढ़े 4 लाख किसान ड्रोन की आवश्यकता होगी। साथ ही, हर वर्ष करीब एक लाख से ज्यादा रिमोट पायलट की भी आवश्यकता होगी।

लेकिन आपको यह जानकर हैरत होगी कि इनमें से केवल पांच कंपनियां ही ऐसी हैं जिन्हें नागर विमानन महानिदेशालय की ओर से टाइप सर्टिफिकेट यानी प्रमाण पत्र जारी किया गया है। इन कंपनियों में आयोटेकवर्ल्ड एविगेशन प्राइवेट लिमिटेड, सीबीएटी टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, एस्टेरिया एयरोस्पेस लिमिटेड तथा दो अन्य कंपनियां शामिल हैं।

इस बात की जानकारी गुरुवार को नागर विमानन राज्यमंत्री डॉ. वीके सिंह ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी। यहां यह बताना उचित होगा कि आयोटेकवर्ल्ड एविगेशन देश की पहली ड्रोन निर्माता कंपनी है जिसे डीजीसीए की ओर से टाइप सर्टिफिकेट प्रदान की गई है। आयोटेक को यह प्रमाण पत्र 14 जून 2022 को प्रदान की गई थी।

एक अन्य प्रश्न के जवाब में श्री सिंह ने पारंपरिक तरीकों की तुलना में कृषि क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल के फायदे बताए और कहा कि इसमें समय के बचत के साथ-साथ कीटनाशकों के उपयोग में करीब 30% की कमी और पानी के उपयोग में 90% तक की कमी आती है।

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