वरिष्ठ नागरिकों की पहल, स्कूलों में जाकर युवाओं से कनेक्ट करेंगे

नई दिल्ली। बुजुर्गों के अनुभव युवाओं के काम आ सकते हैं, वहीं युवाओं से बुजुर्ग तकनीकि बारिकियां सीख सकते हैं। युवाओं और बुजुर्गो के बीच सामाजिक तालमेल को बेहतर करने के लिए वरिष्ठ नागरिकों ने एक पहल की है। जिसके तहत युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संवाद स्थापित करने के लिए डिजिटल मंच के जरिए डिजिटल सदस्य बनाने और स्कूलों, कॉलेजों में संपर्क करने पर सहमति बनाई गई है। देशभर के वरिष्ठ नागरिकों को एक मंच पर लाने, हितों की रक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच मंच स्थापित करने सहित कई मुद्दों पर पहला राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें संस्था के देशभर के 200 से अधिक वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री श्री रविंदर इंद्रराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री रविन्दर इंद्रराज ने कहा कि वृदाआश्रम का चलन हमारी संस्कृति नहीं रही है, बदलाव ठीक है लेकिन संस्कारों से विमुख होकर आया बदलाव चरित्र का पतन करता है। समाज कल्याण मंत्री ने स्वयंसेवी संस्था के कार्यों की सराहना की और सदस्यों से कहा कि खुद को सीनियर सिटिजन न मानें, और इसी उर्जा के साथ कार्य करते रहें। सम्मेलन में अखिल भारतीय सीनियर सिटिजन वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष केएल अरोड़ा ने कहा कि संस्था गत 17 वर्षो से उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड में काम कर रही है, संस्था को राष्ट्रीय स्तर का पंजीकरण मिलने के बाद संस्था के विजन 2030 के अंर्तगत हमने सात एजेंडे पर काम करने के लिए प्रतिनिधियों के साथ सार्थक चर्चा की। इसके साथ ही संस्था का विस्तारीकरण दिल्ली सहित राष्ट्रीय स्तर पर करने का संकल्प लिया। केवल वरिष्ठ नागरिकों के हितों की रक्षा ही नहीं बल्कि युवाओं के साथ साझेदारी कर वरिष्ठ नागरिक संगठन समाज को सही दिशा देने का काम भी कर रही है।

संस्था के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट भारत भूषण इलाहबादी ने कहा कि संस्था युवा पीढ़ी और सीनियर सिटिजन वर्ग के बीच एक मंच का काम करेगा, जिससे मतभेद दूर होने के साथ ही जानकारियों को भी साझा किया जा सके, साइबर मंच के जरिए जानकारियों का आदान प्रदान किया जा सकेगा। उदाहरण के लिए साइबर फ्राड की जानकारी वरिष्ठ नागरिक युवाओं से सीखेंगे इसके लिए युवाओं को डिजिटल सदस्य के रूप में संस्था से जोड़ा जाएगा। भारत भूषण ने कहा ने कि युवाओं को कॉकरोच बनने की नहीं, बल्कि लॉयन बनने की जरूरत है, युवाओं के ज्ञान के सही दिशा देकर देश को विकसित बनाया जा सकता है, वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव और युवाओं की तकनीकि जानकारी निश्चित रूप से समाज में बदलावा की दिशा तय करेगी। राष्ट्रीय सम्मेलन में जाने माने हास्य कवि अनिल अग्रवंशी और विनीत पांडे ने अपनी हास्य रचनाओं को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव श्री संदीप गुप्ता व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अतुल चुग, हरिद्वार से जगदीश पाहवा, देहरादून से राष्ट्रीय सचिव केके ओबरॉय सहित विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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