नई दिल्ली। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अंतर्गत इंडियाएआई मिशन ने अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के सहयोग से ऊर्जा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के वास्तविक-विश्व प्रभाव पर आगामी केसबुक के लिए सार-संक्षेप (abstracts) आमंत्रित किए हैं।
इस पहल का उद्देश्य ऊर्जा उत्पादन, वितरण और उपभोग में आने वाली चुनौतियों के समाधान में एआई के नवोन्मेषी उपयोगों को उजागर करना है। केसबुक का विमोचन फरवरी 2026 में होने वाले भारत-एआई इम्पैक्ट समिट में किया जाएगा।
इस सहयोग के माध्यम से आईईए की वैश्विक विशेषज्ञता और विश्लेषणात्मक ढाँचे का लाभ उठाते हुए, इंडियाएआई मिशन का लक्ष्य वैश्विक दक्षिण के सतत ऊर्जा लक्ष्यों के अनुरूप जिम्मेदार, समावेशी और प्रभावशाली एआई अपनाने को बढ़ावा देना है।
इंडियाएआई और आईईए द्वारा संयुक्त रूप से विकसित यह केसबुक, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के अग्रणी लोगों के समक्ष एआई-संचालित ऊर्जा समाधानों को प्रस्तुत करने का एक अनूठा मंच प्रदान करेगी। साथ ही यह ज्ञान-साझा करने के भंडार के रूप में कार्य करेगी, जो विभिन्न देशों और क्षेत्रों के बीच सहयोग को भी प्रोत्साहित करेगी।
नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और डोमेन विशेषज्ञों से अनुरोध है कि वे ऊर्जा क्षेत्र में अपने सफल, स्केलेबल और प्रभावशाली एआई समाधानों के सार (अधिकतम 200 शब्द) 21 नवंबर 2025 तक प्रस्तुत करें।
🔹 महत्वपूर्ण तिथियाँ
सार प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि: 21 नवंबर 2025
अध्याय प्रारूपण: दिसंबर 2025
भारत-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में केसबुक का विमोचन: 19–20 फरवरी 2026
चयनित प्रविष्टियों को केसबुक में एक अध्याय (800 शब्द) लिखने का अवसर मिलेगा, जिसका अनावरण नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में किया जाएगा।
प्रश्नों या स्पष्टीकरण के लिए आवेदक fellow3.gpai-india@meity.gov.in पर विषय पंक्ति में लिखें
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के बारे में
1974 में स्थापित आईईए पेरिस स्थित एक स्वायत्त अंतर-सरकारी संगठन है, जो वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में नीतिगत सिफारिशें, विश्लेषण और आँकड़े प्रदान करता है। इसके 32 सदस्य देश और 13 सहयोगी देश मिलकर विश्व की लगभग 75% ऊर्जा माँग का प्रतिनिधित्व करते हैं।

