रणवीर सिंह
नई दिल्ली। भारतीय शूटिंग जगत को उस समय गहरा आघात लगा जब देश के महान पिस्टल निशानेबाज, ओलंपियन और प्रतिष्ठित कोच जसपाल राणा का हृदयाघात के कारण एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। अर्जुन पुरस्कार और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित जसपाल राणा अपने 50वें जन्मदिन से कुछ ही सप्ताह दूर थे।
इस दुखद समाचार पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) के अध्यक्ष कालीकेश नारायण सिंह देव ने कहा कि पूरा शूटिंग समुदाय अभी भी इस खबर पर विश्वास नहीं कर पा रहा है।
उन्होंने कहा, “पूरा शूटिंग परिवार स्तब्ध है। हमें जानकारी मिल रही थी कि सर्जरी के बाद जसपाल राणा स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। अपनी शानदार उपलब्धियों और प्रभावशाली व्यक्तित्व के दम पर उन्होंने भारत में शूटिंग खेल को नई पहचान दिलाई। एक कोच के रूप में भी उन्होंने देश को अनेक चैंपियन दिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाया। यह खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके पास देश को देने के लिए अभी बहुत कुछ था।”
18 वर्ष की उम्र में एशियाई खेलों में जीता था स्वर्ण
उत्तराखंड के रहने वाले जसपाल राणा पहली बार वर्ष 1994 में सुर्खियों में आए थे, जब मात्र 18 वर्ष की आयु में उन्होंने हिरोशिमा एशियाई खेलों में 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया था। उसी वर्ष उन्होंने इटली के मिलान में आयोजित जूनियर विश्व चैंपियनशिप में 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धा में विश्व खिताब भी जीता।
उपलब्धियों से भरा रहा शानदार करियर
अपने शानदार करियर के दौरान जसपाल राणा ने एशियाई खेलों में चार स्वर्ण पदक और राष्ट्रमंडल खेलों में नौ स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उन्होंने वर्ष 1996 के अटलांटा ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
कोच के रूप में भी रचा इतिहास
एक कोच के रूप में जसपाल राणा ने भारतीय शूटिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने स्टार निशानेबाज मनु भाकर का मार्गदर्शन किया, जिन्होंने पेरिस ओलंपिक 2024 में ऐतिहासिक दो कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। इसके अलावा उन्होंने सौरभ चौधरी, चिंकी यादव सहित कई प्रतिभाशाली निशानेबाजों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय राइफल संघ के मौजूदा हाई परफॉर्मेंस पिस्टल कोच के रूप में भी उन्होंने हाल के वर्षों में भारतीय पिस्टल निशानेबाजों की कई विश्वस्तरीय उपलब्धियों में अहम योगदान दिया।
“जसपाल राणा जैसा दूसरा कोई नहीं होगा”
एनआरएआई के महासचिव पवन कुमार सिंह ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “जसपाल राणा जैसा दूसरा कोई नहीं हो सकता। खेल और तिरंगे के प्रति उनका जुनून संक्रामक था। हम सभी शब्दों से परे हैं। इस कठिन समय में एनआरएआई उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। ईश्वर उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। भारतीय शूटिंग के लिए यह बेहद दुखद दिन है।”
जसपाल राणा का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। एक महान खिलाड़ी, प्रेरणादायक कोच और समर्पित खेल व्यक्तित्व के रूप में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

