New Delhi : भारत में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने आज अपनी साझेदारी के नए चरण की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य देश भर में समावेशी परिपत्र अर्थव्यवस्था को और मज़बूत करना है. इसके तहत 2028 तक 50,000 सफ़ाई मित्रों को सहयोग देने और 50 शहरों में कचरा प्रबन्धन प्रणालियों को मज़बूत करने का लक्ष्य रखा गया है.
सात वर्षों की साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए, नया चरण कचरे की छँटाई और संग्रह से लेकर पुनर्चक्रण और सामग्री के दोबारा उपयोग तक पूरी व्यवस्था को बेहतर ढंग से जोड़ने पर केन्द्रित होगा.
इस पहल के तहत शहरों की कचरा प्रबन्धन व्यवस्था को मज़बूत करने के साथ-साथ सफ़ाई मित्रों को औपचारिक व्यवस्था से जोड़ने और उनकी आजीविका बेहतर बनाने पर भी ज़ोर दिया जाएगा. लक्ष्य ऐसे मॉडल विकसित करना है, जिन्हें भारत के अन्य शहर और शहरी स्थानीय निकाय भी आसानी से अपना सकें.
साझेदारी के इस अगले चरण में चार प्रमुख और आपस में जुड़ी प्राथमिकताओं पर ध्यान दिया जाएगा:
सामाजिक समावेशन: विशेष रूप से महिलाओं पर ध्यान देते हुए, 50,000 सफ़ाई मित्रों को औपचारिक व्यवस्था से जोड़ना और उनकी आजीविका बेहतर बनाना.
शहरी व्यवस्थाएँ: 50 शहरों और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में परिपत्र अर्थव्यवस्था के लिए बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करना, ताकि कचरे की पूरी प्रक्रिया अधिक प्रभावी, विकेन्द्रीकृत और टिकाऊ बन सके.
पुनर्चक्रण में सुधार: स्रोत पर ही कचरे की बेहतर छँटाई और पूरी मूल्य श्रृंखला में परिपत्र तरीक़ों को बढ़ावा देकर कचरे की पुनर्प्राप्ति और पुनर्चक्रण को बेहतर बनाना.
ज्ञान साझा करना: सरकारी संस्थाओं, साझीदारों और शोध संस्थानों के उपयोग के लिए खुले और व्यावहारिक टूलकिट विकसित करना. यह साझेदारी HUL की प्रमुख पहल Project Circular Bharat (PCB) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्लास्टिक के लिए शुरुआत से अन्त तक काम करने वाले, आर्थिक रूप से व्यावहारिक पुनर्चक्रण मॉडल विकसित करके परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है.
इसमें UNDP, संस्थागत साझीदार के रूप में नीतियों के साथ तालमेल, व्यवस्थाओं को मज़बूत करने और बड़े पैमाने पर क्रियान्वयन में सहयोग दे रहा है.
इस साझेदारी का एक अहम हिस्सा उत्थान परियोजना है, जो सफ़ाई मित्रों की गरिमा, कार्यस्थल पर सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा बेहतर बनाने पर केन्द्रित एक सामाजिक समावेशन पहल है.
यह पहल भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) के उद्देश्यों के अनुरूप है और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के समन्वय से लागू की जा रही है.
हिन्दुस्तान यूनीलीवर के कार्यकारी निदेशक और मुख्य जन, परिवर्तन एवं स्थिरता अधिकारी बी पी बिद्दप्पा ने कहा, “यह साझेदारी भारत में परिपत्र अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाने में सामूहिक प्रयासों की ताक़त को दर्शाती है. UNDP के साथ हमारा सहयोग, समावेशी परिपत्रता को बढ़ावा देने, सफ़ाई मित्रों के सामाजिक समावेशन, गरिमा और सुरक्षा को मज़बूत करने तथा ऐसे मॉडल विकसित करने पर केन्द्रित है, जिन्हें शहरों में बड़े पैमाने पर अपनाकर दीर्घकालिक व्यवस्थागत बदलाव लाया जा सके.”
भारत में UNDP की स्थानीय प्रतिनिधि एंजेला लुसिगी ने कहा, “HUL के साथ हमारी साझेदारी दिखाती है कि समावेशी परिपत्र अर्थव्यवस्था के ज़रिए पर्यावरणीय स्थिरता और सामाजिक समानता, दोनों को मज़बूत किया जा सकता है. इस प्रयास के केन्द्र में सफ़ाई मित्र हैं, जो शहरों की कचरा प्रबन्धन व्यवस्था को हर दिन सुचारु रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाते हैं. शहरों, शहरी स्थानीय निकायों, संस्थानों और समुदायों को सहयोग देकर यह साझेदारी, अधिक समावेशी एवं मज़बूत शहरी व्यवस्थाएँ विकसित करने में मदद कर रही है. साथ ही यह सुनिश्चित कर रही है कि बदलाव की इस प्रक्रिया में अग्रिम पंक्ति के सफ़ाईकर्मी पीछे न छूटें.”
पिछले सात वर्षों में UNDP और HUL की साझेदारी के तहत 24,000 सफ़ाई मित्रों को समर्थन दिया गया है और पाँच राज्यों में 20 से अधिक साझेदारों के ज़रिए 1 लाख 20 हज़ार घरों में कचरे की छँटाई को बढ़ावा दिया गया है.
यह पहल भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 में योगदान देती है और सतत विकास लक्ष्य 11 (टिकाऊ शहर और समुदाय) तथा लक्ष्य 12 (ज़िम्मेदार उपभोग और उत्पादन) के अनुरूप है.

