नमसाई। अरुणाचल प्रदेश के नमसाई में 3रा अंतरराष्ट्रीय महा संगकेन महोत्सव बड़े उत्साह और आध्यात्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। यह महोत्सव ताई खामती समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, एकता और शांति का प्रतीक माना जाता है।
महोत्सव के पहले दिन भगवान गौतम बुद्ध की पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें सभी के सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की गई।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री चौना मीन ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सभी के अच्छे स्वास्थ्य, शांति और खुशहाली की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि संगकेन, जो एक पारंपरिक जल उत्सव है, शुद्धिकरण, नवआरंभ और सौहार्द का संदेश देता है।
उपमुख्यमंत्री ने महोत्सव के दूसरे दिन के कार्यक्रम में भाग लेने पर प्रसन्नता व्यक्त की, जिसमें थाईलैंड सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय सांस्कृतिक दलों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसमें दिरांग स्थित मोनपा इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स (MIPA), क्रा-दादी जिले की टीम, अरुणाचल सुपर डांसर के विजेता कलाकार और ताई खामती हेरिटेज एंड लिटरेचर सोसाइटी भी भाग ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे महोत्सव न केवल पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण और प्रचार में मदद करते हैं, बल्कि पड़ोसी देशों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान और मित्रता को भी मजबूत बनाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय महा संगकेन महोत्सव संस्कृति, आस्था और सामुदायिक सहभागिता का एक जीवंत संगम है, जो अरुणाचल प्रदेश की विविध विरासत को प्रदर्शित करते हुए अंतरराष्ट्रीय सद्भाव को बढ़ावा देता है।
इस अवसर पर लोकसभा सांसद तापिर गाओ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कालींग मोयोंग तथा विधायक डॉ. मोहेष चाई, चाऊ जिंगनू नामचूम, जिक्के टाको, मुट्चु मिथि और मोपी मिहू सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

