नई दिल्ली। इंडस्ट्रीज अपना कामकाज दोबारा शुरू कर रही हैं और लोग नये नियमों के अनुसार ढल रहे हैं, इधर सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता के परिवहन विकल्पों की मांग बढ़ रही है। इस क्षेत्र की कंपनियाँ सुरक्षित राइड में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं और ओला ने ‘राइड सेफ इंडिया’ मूवमेन्ट के हिस्से के तौर पर कई सुरक्षा पहलों के लिये 500 करोड़ रुपये देने का वादा किया है। फ्यूमिगेशन सेंटर्स इस मूवमेन्ट में सबसे महत्वपूर्ण हैं। इनकी स्थापना दिल्ली–एनसीआर और ओला के अन्य परिचालन वाले शहरों में की गई है, जहाँ ओला के सभी वाहन प्रत्येक 48 घंटे में मुफ्त में डिसइंफेक्ट किये जाते हैं।
प्रमुख हब्स और एयरपोर्ट्स पर स्थित, इन फ्यूमिगेशन सेंटर्स में आकर ड्राइवर्स गुणवत्तापूर्ण सैनिटाइजेशन सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं और अपने वाहनों को मुफ्त में डीप-क्लीन कर सकते हैं। जब ड्राइवर अपने वाहनों के डीप-क्लीन होने की प्रतीक्षा करते हैं, तब समर्पित ओला एक्जीक्यूटिव्स की एक टीम इन ड्राइवर-पार्टनर्स के स्वास्थ्य और तंदुरूस्ती की जाँच करती है।
यह प्रक्रिया दिल्ली–एनसीआर में ओला के सभी निर्धारित फ्यूमिगेशन सेंटर्स पर चौबीसों घंटे दोहराई जा रही है। कंपनी ने घोषणा की है कि उसने देश में 500 से अधिक फ्यूमिगेशन सेंटर्स का नेटवर्क स्थापित किया है और उसका परिचालन भारत के 200 से अधिक शहरों में चल रहा है।
ओला के प्रवक्ता आनंद सुब्रमण्यिन ने कहा, ‘‘ओला के फ्यूमिगेशन सेंटर्स हमारे ग्राहकों और ड्राइवर-पार्टनर्स की सुरक्षा और स्वच्छता से सम्बंधित सभी चिंताओं को दूर करने के लिये एक महत्वपूर्ण समाधान हैं। हमने देशभर में अपने कामकाज को दोबारा शुरू कर दिया है और फ्यूमिगेशन सेंटर्स का हमारा नेटवर्क यात्रियों को उच्च गुणवत्ता की यात्रा का भरोसा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।’’
मॉड्यूल्स और सर्टिफिकेशंस के माध्यम से ओला ने अपने सभी ड्राइवरों को सुरक्षा का पूरा ध्यान रखने के लिये प्रशिक्षित किया है। साथ ही इस प्लेटफॉर्म के सभी कैब्स ने सभी राइड्स में ‘सुरक्षा की 5 परतों’ को जारी रखा है। इसमें प्रत्येक राइड से पहले ड्राइवर-पार्टनर और यात्रियों के लिये मास्क पहनना, ड्राइवर-पार्टनर्स की नियमित स्वास्थ्य जाँच और ज्यादा छुई जाने वाली सतहों का सैनिटाइजेशन शामिल है।
गुरूग्राम से ओला के एक ड्राइवर-पार्टनर मुकेश कुमार ने कहा, ‘‘परिवहन सेवाओं के बहाल होने से पहले ओला ने हमें प्रशिक्षण और जानकारी दी, ताकि ग्राहक और मेरी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा सके। हमें जोखिम कम करने के लिये प्लास्टिक स्क्रीन फिट करने को कहा गया और हम इन सेंटर्स पर अपनी कैब्स के फ्यूगेशन के दौरान मास्क, सैनिटाइजर्स और स्वच्छता उपकरण भी बिना परेशानी के प्राप्त कर सकते हैं। फ्यूमिगेशन सेंटर्स की स्थापना विभिन्न शहरों में की गई है। यह एक आसान प्रक्रिया है और मैं भी अपने स्वास्थ्य की यहां जांच कराता हूं।’’

