Mahashivratri 2023 : शिव ज्योति अर्पणम: आज शिप्रा तट पर प्रज्जवलित होंगे 21 लाख दीप, बनेगा विश्व रिकार्ड

दीप्ति अंगरीश

उज्जैन।महाशिवरात्रि पर्व पर आज शिव ज्योति अर्पणम कार्यक्रम में 21 लाख दीयों का प्रज्ज्वलन कर गिनीज विश्व रिकार्ड बनाया जाएगा। इसके पूर्व सर्वाधिक दीप प्रज्वलन का रिकार्ड उत्तर प्रदेश में अयोध्या दीपोत्सव-2022 में 15 लाख 76 हजार दीप प्रज्वलित कर बनाया गया था। शनिवार शाम को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उज्जैन पहुंचेंगे।

शिप्रा नदी पर दीप प्रज्ज्वलन के लिये सम्पूर्ण घाटों को पांच ब्लॉक में बांटा गया है। ए ब्लॉक केदारेश्वर घाट पर, बी ब्लॉक सुनहरी घाट पर, सी ब्लॉक दत्त अखाड़ा क्षेत्र में, डी ब्लॉक रामघाट क्षेत्र में तथा ई ब्लॉक भूखीमाता मंदिर क्षेत्र में।इस प्रकार एक सब सेक्टर में 40 से 50 ब्लॉक होंगे तथा 100 के लगभग वॉलेंटियर्स तैनात रहेंगे। प्रति सौ वॉलेंटियर्स पर दो सुपरवाइजर रहेंगे और प्रति एक हजार वॉलेंटियर्स पर एक कंट्रोल आफिसर रहेगा। इस प्रकार कुल 22 हजार वॉलेंटियर्स तैनात कए जाएंगे। ये दोपहर 2 बजे अपने नियत स्थान पर पहुंच जाएंगे। इनके लिये प्रवेश पत्र बनाये गए हैं। कार्ड में होलोग्राम लगाये गए हैं। वॉलेंटियर्स को 10 मिनट की समय-सीमा में दीये जलाकर पीछे हटना होगा। इसके बाद अगले पांच मिनिटों में ड्रोन से प्रज्वलित दीयों की फोटोग्राफी की जायेगी। इसका लाइव प्रसारण होगा,जिसे देश-दुनिया में देखा जा सकेगा।

21 लाख दीयों के लिए 52 हजार लीटर तेल

21 लाख दीयों के लिए 25 लाख बाती और 52 हजार लीटर तेल का इंतजाम किया गया है। इसके 600 किलोग्राम कपूर का इंतजाम किया गया है। इसीप्रकार 04 हजार बाती की व्यवस्था की गई है। वालेंटियर्स को 10 मिनट में अपने ब्लॉक के 225 दीये जलाकर पिछे हटना होगा। घाटों पर दीये सजाए जा चुके हैं। इनमें बाती और तेल डालने का काम दोपहर में प्रारंभ होगा।
जीरो वेस्ट व्यवस्था
दीपक,बाती और जला हुआ तेल,इसके लिए जीरो वेस्ट व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के बाद नगर निगम द्वारा उपयोग की गई रूई को कपड़ा बनानेवाली यूनिट को, उपयोग के बाद बचे तेल को गौशाला में तथा उपयोग किए गए दीपक को कलाकृतियां बनाने के लिए उपयोग में लिया जाएगाउ,यह दावा किया गया है। चूंकि अगले दिन सोमवती अमावस्या का शिप्रा तट पर स्नान होगा,इसलिए कार्यक्रम के तत्काल बाद से घाटों की सफाई शुरू कर दी जाएगी। शहरवासियों से अपील की गई है कि वे अपने घरों एवं प्रतिष्ष्ठानों पर कम से कम 5-5 दीपक जरूर लगाएं।

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