दिल्ली में महिला शिक्षा और सशक्तिकरण पर संगोष्ठी का आयोजन – क्रिएटिव फाउंडेशन ने दिया जागरूकता का संदेश

नई दिल्ली। महिला शिक्षा एवं सशक्तिकरण के महत्व पर क्रिएटिव फाउंडेशन (दिल्ली) द्वारा आयोजित संगोष्ठी का आयोजन हाल ही में सावित्रीबाई फुले और फातिमा शेख की जयंती के अवसर पर किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के अधिकार, शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करना था।

संगोष्ठी के मुख्य अतिथि, माननीय श्री न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू, पूर्व न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा सामाजिक परिवर्तन और संवैधानिक सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने सावित्रीबाई फुले और फातिमा शेख द्वारा आरंभ किए गए प्रयासों को याद करते हुए बताया कि आज भी महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बौद्धिक स्वतंत्रता के बिना वास्तविक समानता प्राप्त नहीं हो सकती।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने गरिमा बढ़ाई। जिनमें श्री टी. आर. नवल (सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश), श्री नरेंद्र सिंह, डीआईजी और श्री ओ. पी. सागर, आईपीएस (सेवानिवृत्त) शामिल थे। उनकी उपस्थिति ने महिला शिक्षा और सशक्तिकरण पर न्यायिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ किया।

कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट राहुल वर्मा और कार्यक्रम संयोजक सुश्री पूजा कुमारी, अधिवक्ता ने किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल प्रतीकात्मक आयोजनों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे शिक्षा, विधिक साक्षरता और नीतिगत प्रयासों के माध्यम से संरचनात्मक रूप देना आवश्यक है।

इस अवसर पर क्रिएटिव फाउंडेशन के चेयरमैन एवं संस्थापक श्री तेज सिंह वरुण, अधिवक्ता ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। सम्मानित महिलाओं में शामिल थीं:

  • डॉ. सूफिया उतसाही, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सीजीएचएस, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
  • डॉ. सुरेन्द्र नंदा, लेखक एवं सदस्य, बाल फिल्म प्रमाणन बोर्ड
  • डॉ. शीतल अग्रवाल, वरिष्ठ शल्य चिकित्सक एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ
  • सुश्री कीर्ति सैन, वरिष्ठ अभियंता, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (रक्षा मंत्रालय)
  • सुश्री शबाना खान, सामाजिक कार्यकर्ता, सहेली एनजीओ
  • सुश्री सर्वेश, वरिष्ठ फोटो पत्रकार
  • सुश्री लिली माइकल, शिक्षिका
  • सुश्री रोज़ मैरी, शिक्षिका
  • डॉ. भावना शुक्ल, लेखिका एवं सहायक प्रोफेसर
  • सुश्री गीता यादव, सामाजिक कार्यकर्ता, खुशी फाउंडेशन
  • डॉ. बलेश कुमारी, नर्स एवं सामाजिक कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग
  • सुश्री शगुफ्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, खालिकुल फाउंडेशन
  • सुश्री रोशनी रावत, सामाजिक कार्यकर्ता
  • अधिवक्ता ज्ञान मित्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता
  • अधिवक्ता आशा ज्योति किरण, अधिवक्ता
  • सुश्री गुंजन पाठक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं महिला सशक्तिकरण कार्यकर्ता

संगोष्ठी ने यह संदेश स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण किसी एक वर्ग का विषय नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक विकास का एक राष्ट्रीय सरोकार है। यह आयोजन न केवल महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित करने का अवसर था, बल्कि समाज में लैंगिक समानता और शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।

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