दरभंगा: प्रख्यात समाज सुधारक पद्म विभूषण स्वर्गीय डॉ. बिंदेश्वर पाठक की विरासत को आगे बढ़ाते हुए सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन ने “सुलभ डेवलपमेंट फोरम” की शुरुआत की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सामुदायिक विकास में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाना और उन्हें नेतृत्व के अवसर प्रदान करना है।
इस अवसर पर दरभंगा में दो दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ किया गया, जिसमें विकास क्षेत्र के विशेषज्ञों और सामाजिक वैज्ञानिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन राज्यसभा सांसद एवं बिहार भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष डॉ. धर्मशीला गुप्ता, सुलभ इंटरनेशनल के प्रेसिडेंट कुमार दिलीप तथा कार्यकारी संयोजक श्रीमती नित्या पाठक ने संयुक्त रूप से किया।
अपने संबोधन में डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने स्वच्छता और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सुलभ इंटरनेशनल के योगदान की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है, लेकिन अभी भी सार्वजनिक स्थानों पर अधिक सुलभ शौचालयों की आवश्यकता है।
सुलभ इंटरनेशनल के प्रेसिडेंट कुमार दिलीप ने बताया कि संगठन द्वारा महिला-नेतृत्व वाले कृषि कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक बीज बैंक के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, समग्र विकास तभी संभव है जब स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो।
वाइस प्रेसिडेंट सुतीर्थ सहारिया ने उत्तर बिहार की पहचान मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में चल रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से महिला किसानों को इससे जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही मिथिला पेंटिंग से जुड़ी महिलाओं को सीधे बाजार से जोड़ने की पहल भी की जा रही है, ताकि उन्हें उचित पहचान और आय मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. बॉबी लूथरा सिन्हा ने मधुबनी और दरभंगा के सात गांवों में किए गए अध्ययन के प्रारंभिक निष्कर्ष प्रस्तुत किए, जो “वन हेल्थ” दृष्टिकोण पर आधारित हैं।
कार्यक्रम के अंत में कार्यकारी संयोजक श्रीमती नित्या पाठक ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। उन्होंने बताया कि सुलभ इंटरनेशनल बिहार में महिलाओं को डिजिटल सशक्तिकरण के लिए प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है, जिससे उन्हें रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। साथ ही, राज्य में सार्वजनिक स्थानों पर सुलभ शौचालयों के विस्तार के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
यह सम्मेलन संवाद, ज्ञान के आदान-प्रदान और समेकित विकास के ठोस समाधान खोजने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में उभर रहा है।

