
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चाओं के बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यह मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रपति से की गई मुलाकात के दो दिन बाद हुई है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।
राष्ट्रपति भवन की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमित शाह और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मुलाकात की तस्वीर साझा की गई। पोस्ट में बताया गया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट की।
हालांकि सरकार या भाजपा की ओर से मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों ने इस संभावना को बल दिया है।
कुछ मंत्रियों को नहीं मिला राज्यसभा का पुनर्नामांकन
हाल ही में केरल के वरिष्ठ भाजपा नेता जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। वे अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा के लिए दोबारा नामांकित नहीं किया।
इसी तरह रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल भी समाप्त हो चुका है। उन्हें भी पार्टी की ओर से पुनर्नामांकन नहीं मिला है। इन फैसलों ने मंत्रिपरिषद में संभावित बदलावों की चर्चा को और गति दी है।
संगठन में मिली नई जिम्मेदारियां
कुछ केंद्रीय मंत्रियों को उनके गृह राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। भाजपा नेतृत्व ने 28 मई को केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष नियुक्त किया था। वहीं वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी गई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर हो रहे इन बदलावों का असर केंद्रीय मंत्रिपरिषद की संरचना पर भी दिखाई दे सकता है।
क्या जल्द हो सकता है कैबिनेट विस्तार?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति से लगातार मुलाकातों, कुछ मंत्रियों के राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने तथा संगठन में नई नियुक्तियों के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल या विस्तार की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
हालांकि अंतिम निर्णय और आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि आगामी दिनों में केंद्र सरकार की टीम में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
