
New Delhi : राजधानी में स्वतंत्रता दिवस के सिलसिले में विशेष आयोजनों की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं और इस मौके पर एक अन्य पसंदीदा शौक के तौर पर पतंगबाजी की भी लंबी परंपरा रही है। टाटा पवर-डीडीएल ने, जो कि नॉर्थ और नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली में लगभग 90 लाख की आबादी को बिजली सप्लाई करती है, जनता से बिजली के खंभों, तारों समेत अन्य इंस्टॉलेशंस से सुरक्षित दूरी बनाकर पंतगबाजी करने का अनुरोध किया है। पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के आसपास पतंग उड़ाने से बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है, बिजली सप्लाई भी बाधित हो सकती है और पब्लिक सेफ्टी को लेकर भी जोखिम रहता है।
जैसा कि पूर्व में देखने में आया है, पतंगों को उड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाले मांझे (जिस पर धातु की परत चढ़ी होती है) के बिजली की तारों के संपर्क में आने पर बिजली की तारों के टूटने और कटने का खतरा बढ़ता है। चूंकि मांझा बिजली का सुचालक होता है, इसकी वजह से बिजली के झटके लगने का भी जोखिम बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, बिजली के हाइ वोल्टेज तारों के टूटने की वजह से बड़े इलाके की पावर सप्लाई बाधित हो जाती है जिसके चलते हजारों उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
इन परेशानियों को देखते हुए तथा सरकारी विनियमनों के अनुसार, टाटा पावर-डीडीएल ने अपने उपभोक्ताओं से बिजली नेटवर्क के आसपास सावधानी बरतने और पतंग उड़ाने के लिए धातु की परत चढ़े मांझे की बजाय सूती धागा इस्तेमाल करने की सलाह दी है। कंपनी
ने आम जनता से मांझा या ‘चाइनीज़ मांझा’ का इस्तेमाल नहीं करने का भी अनुरोध किया है क्योंकि यह इतना पैना/धारदार होता है कि दोपहिया वाहन चालकों, पक्षियों आदि के भी इसके संपर्क में आने पर घायल होने का खतरा बढ़ जाता है।
टाटा पावर-डीडीएल ने आम जनता की सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान के सिलसिले में प्रचार तेज किया है और इस बारे में अधिकाधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाने के लिए जेजे कालोनियों तथा पुनर्वास बस्तियों में मैगा रैलियों के आयोजन की तैयारी की है। कंपनी के सोशल इंपैक्ट ग्रुप (एसआईजी) ने 1,000 आभा सदस्यों के अपने नेटवर्क के माध्यम से स्थानीय समुदायों को बिजली सुरक्षा के बारे में जागरूक बनाया है। सामुदायिक जागरूकता के अलावा, डिसकॉम ने अपने सभी इंस्टॉलेशंस तथा कुछ सार्वजिनक स्थानों पर सुरक्षित तरीके से पतंगबाजी करने का संदेश देने वाले बैनर भी प्रदर्शित किए हैं, तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित तरीके से पतंग उड़ाने के महत्व को भी समझाया है।
टाटा पावर-डीडीएल ने एफएम रेडियो चैनलों के साथ पार्टनरिशप कर अपनी एक विशेष सोशल मीडिया सीरीज़ भी चलायी है, और सुरक्षित तरीके से पतंगबाजी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए बिजली सुरक्षा संबंधी वीडियो सलाह भी जारी की है। डिसकॉम राजधानी दिल्ली में अपने परिचालन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले विभिन्न सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में विशेष जागरूकता सत्रों का भी आयोजन कर रही है ताकि बच्चों को पतंगबाजी से जुड़े संभावित खतरों के बारे में समय रहते जानकारी दी जा सके और वे इस संबंध में जरूरी सावधानी का पालन करने के लिए प्रेरित हों।
टाटा पावर-डीडीएल अपने एडवांस डिस्ट्रिब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम (एडीएमएस) में उपलब्ध अत्याधुनिक जियोस्पेशियल तकनीकों मी सहायता से पूर्व में सर्विस/सप्लाई संबंधी अवरोधों के रुझानों का विश्लेषण करने के साथ-साथ जहांगीरपुरी, मंगोलपुरी, सुल्तानपुरी, किराड़ी,
भलस्वा, बुराड़ी, बादली, कराला, वजीरपुर और बवाना इत्यादि इलाकों में विशेष रूप से ध्यान देती है जहां पतंगबाजी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना अधिक होती है।
सुरक्षित तरीके से पतंगबाजी का संदेश देते हुए, श्री राज कुमार रस्तोगी, चीफ – ऑपरेशंस एंड सेफ्टी, टाटा पावर-डीडीएल ने कहा, “स्वतंत्रा दिवस हम सभी के लिए देशभक्ति के रस में डूबे समारोहों के आयोजन और मेलजोल की भावना को बढ़ाने का दिन होता है, और इस मौके पर पतंगबाजी की भी पुरानी परंपरा है। हम सभी नागरिकों को सुरक्षित तरीके से आयोजनों का हिस्सा बनने और बिजली की ओवरहेड लाइनों एवं अन्य इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशंस से सुरक्षित दूरी बनाकर रखने का अनुरोध करते हैं। इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के नजदीक पतंग उड़ाने से न केवल बिजली सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ता है बल्कि लोगों को भी बिजली के झटके और चोट लगने का जोखिम रहता है। ऐसे में, सुरक्षा संबंधी सावधानी बरतकर, सुरक्षित तथा उल्लासपूर्ण तरीके से स्वतंत्रता का पर्व मनाया जा सकता है, यही इस राष्ट्रीय पर्व की मूल भावना भी है।”
पतंगबाजी के दौरान सुरक्षा संबंधी इन सावधानियों का पालन कर, बिजली के खतरों से बचा जा सकता हैः
पतंगबाजी संबंधी सुरक्षा निर्देशः
• ओवरहेड पावर लाइनों और इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशंस से सुरक्षित दूरी पर पतंगबाजी करें
• मेटल कोटिंग वाले मांझा का प्रयोग भूलकर भी न करें, इसकी वजह से पावर लाइनें टूट सकती हैं और बिजली संबंधी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है
• यदि बिजली की तारों में पतंग फंस जाए, तो उसे निकालने का खतरा मोल न लें
• बच्चों को सुरक्षित पतंगबाजी के महत्व के बारे में बताएं, और जहां तक संभव हो, पतंगबाजी के दौरान उन पर नज़र रखें
• इलेक्ट्रिकल नेटवर्क से जुड़ी किसी भी इमरजेंसी या असुरक्षित स्थिति/अप्रिय घटना की सूचना देने के लिए, हमारे टोल फ्री नंबर 19124 पर संपर्क करें
• पतंग उड़ाने संबंधी सुरक्षित तरीकों की जानकारी के लिए, टाटा पावर-डीडीएल के फेजबुक पेज और X (पूर्व में ट्विटर) पर लॉग इन करें
जिम्मेदार पावर यूटिलिटी के तौर पर, टाटा पावर-डीडीएल अपने उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। स्वतंत्रा दिवस समारोहों को ध्यान में रखते हुए, डिसकॉम ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है, और नागरिकों को सुरक्षित तरीके से पतंगबाजी करने की सलाह दी है। साथ ही, राष्ट्रीय पर्व की भावना के अनुरूप, सुरक्षा का भरपूर ख्याल रखते हुए बिजली नेटवर्क से सुरक्षित दूरी बनाकर रखने का अनुरोध किया है।
