दरभंगा। विज्ञान और जीवन के बीच अत्यंत घनिष्ठ संबंध है। विज्ञान हमें सही तरीके जीवन जीने का ढंग सीखाता है । जिसे सही तरीके से अपनाना फायदेमंद है जबकि यदि इसका गलत इस्तेमाल किया गया तो वह नुकसानदेह हो सकता है। उक्त बातें पीजी रसायन शास्त्र विभाग के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ लाल मोहन झा ने शुक्रवार को सी एम साइंस कॉलेज दरभंगा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष में आयोजित संगोष्ठी में कही। ‘साइंस फॉर द पीपल एंड द पीपुल फॉर साइंस’ विषय पर महाविद्यालय के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल द्वारा आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य संसाधन पुरूष डाॅ झा ने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एक दूसरे के पूरक हैं । विज्ञान जहां प्रौद्योगिकी को राह दिखाता है वही प्रौद्योगिकी में विज्ञान की प्रगति सन्निहित है। अपने व्याख्यान में उन्होंने रोजगार परक तकनीकी शिक्षा पर बल देते हुए मेक इन इंडिया कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बाल वैज्ञानिकों को उद्यमी बनाए जाने को समय की मांग करार दिया।
कार्यक्रम में दूसरे संसाधन पुरूष के रूप में अपने विचार रखते हुए चंद्रधारी मिथिला विज्ञान महाविद्यालय के सेवानिवृत्त जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ आर पी सिन्हा ने कहा कि विज्ञान मूलतः दो ही चीजों पर टिका है। पहला, पदार्थ और दूसरी उर्जा। उन्होंने बताया कि विज्ञान किसी दार्शनिक बातों पर निर्भर नहीं करता बल्कि यह निरंतर अनेक वर्षों तक चलने वाले प्रयोगों के निष्कर्ष अथवा अवलोकन पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि जब प्रयोग के निष्कर्ष के आधार पर कोई भी सिद्धांत सुनिश्चित होता है तभी इसे मानव के विभिन्न उपयोगों के लिए लाया जाता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान चाहे भौतिक हो, रासायनिक हो अथवा जैविक। सब के सब पदार्थ और ऊर्जा के सिद्धांत पर काम करते हैं। कार्यक्रम में रसायन शास्त्र विभाग के शिक्षक डॉ अशोक कुमार झा ने रमन प्रभाव के अनुसंधान में दरभंगा महाराज द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण योगदान की चर्चा की।
कार्यक्रम में विषय प्रवेश महाविद्यालय के बॉटनी विभाग की अध्यक्ष डॉ संध्या झा ने कराया। अपने संबोधन में उन्होंने विज्ञान के बहुआयामी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विज्ञान के विभिन्न तकनीक का उपयोग मानव के सोच पर निर्भर करता है। साथ ही, विज्ञान के सिद्धांतों को जीवन में उतार कर हम विकसित सभ्यता की ओर निरंतर बढ़ रहे हैं।
संगोष्ठी में अतिथियों का स्वागत प्रधानाचार्य डाॅ प्रेम कुमार प्रसाद ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के महत्त्व की विस्तार से चर्चा करते हुए वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में डॉ सी वी रमन द्वारा दिए गए योगदानों की विस्तार से चर्चा की। आइक्यूएसी सहायक प्रवीण कुमार झा के कुशल संचालन में आयोजित संगोष्ठी में धन्यवाद ज्ञापन इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल के समन्वयक डॉ अजय मिश्रा ने किया। कार्यक्रम के आयोजन में भौतिकी विभाग के शिक्षक डॉ अजय कुमार ठाकुर की उल्लेखनीय भूमिका रही। इस मौके पर महाविद्यालय के सभी शिक्षक कर्मचारी एवं छात्र-छात्रा उपस्थित हुए।

