आंध्र प्रदेश में अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस को करीब 8,500 करोड़ रुपये की ट्रांसमिशन परियोजना मिली

ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं को मिलेगी ऊर्जा आपूर्ति, विशाखापत्तनम क्षेत्र में डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मिलेगा लाभ

अहमदाबाद: भारत की सबसे बड़ी निजी ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने आंध्र प्रदेश में लगभग 8,500 करोड़ रुपये की अंतर्राज्यीय बिजली ट्रांसमिशन परियोजना हासिल करने की घोषणा की है। यह परियोजना भारत सरकार की टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (TBCB) प्रक्रिया के तहत कंपनी को प्रदान की गई, जिसमें AESL सबसे प्रतिस्पर्धी बोलीदाता के रूप में उभरी।

“ट्रांसमिशन सिस्टम फॉर प्रपोज्ड ग्रीन हाइड्रोजन/ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स इन विजाग एरिया, आंध्र प्रदेश (फेज-1)” नामक इस परियोजना का उद्देश्य विशाखापत्तनम (विजाग) क्षेत्र में प्रस्तावित ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजनाओं के लिए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इस परियोजना के माध्यम से लगभग 4,500 मेगावाट की अनुमानित बिजली मांग को पूरा किया जा सकेगा।

इसके अलावा यह परियोजना पेंदुर्थी–विजाग क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य औद्योगिक निवेशों की बढ़ती बिजली आवश्यकताओं को भी पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस परियोजना को विजाग पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड नामक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के तहत विकसित किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत पेंदुर्थी (विजाग) में 4×1500 एमवीए, 765/400 केवी जीआईएस सब-स्टेशन तथा खम्मम-II में 3×1500 एमवीए, 765/400 केवी सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

परियोजना के पूरा होने के बाद AESL के ट्रांसमिशन नेटवर्क में 1,582 सर्किट किलोमीटर (ckm) नई ट्रांसमिशन लाइनें और 10,500 एमवीए अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता जुड़ जाएगी। इसके साथ ही कंपनी का कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क बढ़कर 29,531 सर्किट किलोमीटर और कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 1,33,675 एमवीए हो जाएगी।

अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कंदर्प पटेल ने कहा कि विजाग ट्रांसमिशन परियोजना भारत के अगले चरण के औद्योगिक विकास के लिए ऊर्जा आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आंध्र प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पेंदुर्थी-विजाग क्षेत्र में विकसित हो रहे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी मजबूत बिजली नेटवर्क उपलब्ध कराएगी।

उन्होंने कहा कि भारत स्वच्छ और प्रौद्योगिकी आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में AESL भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत, विश्वसनीय और टिकाऊ ट्रांसमिशन नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे बड़े पैमाने पर सतत औद्योगिक विकास को गति मिल सके।

कंपनी के अनुसार, विशाखापत्तनम तेजी से देश के प्रमुख डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रों में उभर रहा है, जहां बड़े पैमाने पर AI और हाइपरस्केल डेटा सेंटर, समुद्र के भीतर केबल कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक परियोजनाओं में निवेश हो रहा है। ऐसे में विश्वसनीय और उच्च क्षमता वाले ट्रांसमिशन नेटवर्क की उपलब्धता क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा, ग्रिड स्थिरता और दीर्घकालिक औद्योगिक प्रतिस्पर्धा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।

कंपनी ने बताया कि इस परियोजना को 30 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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