ऑस्टियोपोरोसिस के कारण होने वाले स्पाइन फ्रैक्चर

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। आज कल की भागदौड़ जिंदगी में हर कोई किसी ना किसी दर्द से पीडित है. किसी को कमर दर्द, सिरदर्द, पैर दर्द तो किसी को ज्वाइंट …

डेंटल केयर है पॉलिमेरिक दंत प्रत्यारोपण

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। डेंटल केयर में लगातार विकास हो रहा है। यही वजह है कि दांत की हर बीमारी और प्रत्यारोपण का आज बेहतर इलाज है। या यूं कहें …

मातृत्व सुख छीन सकता है सिगरेट का धुआं

  नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। धूम्रपान सेहत के लिए हानिकारक है। तंबाकू न केवल फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि दिल, गुर्दे और शुक्राणुओं को भी नुकसान पहुंचाता है। यह …

स्वास्थ्य मंत्रालय का 75 जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेजों में बदलने का प्रस्ताव

नई दिल्ली। स्वास्थ्य के क्षेत्र में मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाने संबंधी एक योजना के तीसरे चरण में स्वास्थ्य मंत्रालय ने 75 जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेजों में तब्दील करने …

ड़ॉ. हर्षवर्धन ने दिल्ली की स्वास्थ्य योजना के बारे में मुख्यमंत्री के दावों को खारिज किया

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) को दिल्ली में लागू नहीं किए जाने के संबंध में …

उत्‍सव की थीम है “बीट एयर पॉल्‍यूशन”

गुरुग्राम। विश्‍व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, नागारो, देश की प्रमुख आइटी परामर्श कंपनियों में से एक, ने ग्रीन कम्‍यूटिंग को अपनाकर खासतौर से वायु प्रदूषण से लड़ाई के लिए …

कैल्शियम की कमी खतनराक है

नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। शरीर में हड्डी एक प्रकार का ऐसा उत्तक होता है। जो कि शरीर को आकार और मजबूती प्रदान करता है। शरीर के कई अंगों का संरक्षण …

किशको की काॅपर बोतल

नई दिल्ली। सेहतमंद रहने के लिए पानी पीना बहुत जरूरी है। पानी यदि काॅपर की बोतल में हो, तो आयुर्वेद के अनुसार शरीर की प्रकृति वात, कफ, पित्त बैलेंस रहती …

सावधान! क्या आपके घर में भी है काॅकरोच

इंडियन हाउसहोल्ड हिडन डस्ट स्टडी 2018 में हुआ खुलासा, सर्वे में शामिल भारतीय घरों में आमतौर पर पाया गया कॉकरोच एलर्जेंस नई दिल्ली। डायसन और फिक्की रिसर्च एंड एनालिसिस सेंटर …

इलैक्ट्रोमैग्रेटिक तरंगों से कैंसर का इलाज: साइटोट्रोन

नई दिल्ली। कई बार अथक प्रयास करने के बाद भी ट्यूमर जैसे रोगों का निवारण नामुमकिन हो जाता है. आज इक्कीसवीं सदी में भी हम ऐसे रोगों का उपचार नहीं …