सांगठनिक कौशल के महारथी थे लालजी टंडन

सुभाष चन्द्र पार्टी विद ए डिफरेंस के जिस सूत्र वाक्य के साथ भारतीय जनता पार्टी ने भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। क्रमागत तरीके से अपनी धमक …

ज्वलंत मुद्दों पर सार्थक चर्चा के पक्षधर हैं डॉ.मोहन भागवत

कृष्णमोहन झा आर एस एस के सरसंघ चालक डा मोहन भागवत के सान्निध्य में जीवन के कुछ अनमोल पल व्यतीत करने का सौभाग्य जिन लोगों को मिला है मैं भी …

अब शिवराज के सामने असंतुष्टों को मनाने की चुनौती

कृष्णमोहन झा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान काफी मशक्कत के बाद अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करने में कामयाब तो हो गए परंतु 28 नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के एक …

थोथा चना, बाजे घना

निशिकांत ठाकुर प्रिंट मीडिया में मैंने अपने जीवन का लंबा अरसा गुजारा है और इस दुनिया में मनवांछित सफलता भी हासिल की। मैं अखबार में हुईं गलतियों को हमेशा अक्षम्य …

बाबूजी… जरा तोल मोल के बोल

y निशिकांत ठाकुर अपने अब तक के जीवन में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. पं. जवाहर लाल नेहरू से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी सहित कई बड़े नेताओं के भाषण सुनने …

तीन महीने में ही शिवराज ने दिखाई चुनौतियों से निपटने की क्षमता

कृष्णमोहन झा देश में लाक डाउन की घोषणा और मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन लगभग साथ साथ हुए | लाक डाउन की रिहर्सल के रूप में जिस दिन संपूर्ण देश …

भाई भतीजावाद की लड़ाई कहां ?

नई दिल्ली। पहले राजनीति में भाई भतीजावाद का ज़ोरदार विरोध किया गया लेकिन मज़ेदार बात कि जिन लोगों ने इसका विरोध किया धीरे धीरे वे परिवार भी राजनीति के भाई …

भगवान् को आराम करने दो

नई दिल्ली। लीजिए । सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि इस बार भगवान् जगन्नाथ को आराम करने दो कयोंकि बहुत संख्या में लोगों का जगन्नाथ रथयात्रा पर इकट्ठे होना बहुत …